जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए मतदान आज 11 बजे शुरू होगा। मतदान में किसी तरह की गड़बड़ न हो इसके लिए अभेद्य सुरक्षा के इंतजाम किये गए हैं। यहां तक कि सदस्यों के पहुंचे के रास्तों पर भी किलेबंदी कर दी गयी है। अध्यक्ष पद के लिए सपा और भाजपा में सीधा मुकाबला होना है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए आज 11 बजे मतदान शुरू होगा। जिले में सत्ताधारी दल बीजेपी और सपा के बीच सीधा मुकाबला है। 84 जिला पंचायत सदस्य दोनों प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए है। मतदान स्थल से लेकर सदस्यों के आने के रास्ते तक में अभेद्य सुरक्षा के इंतजाम किये गए हैं।
बता दें कि जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पहली बार सपा और भाजपा में सीधा मुकाबला है। दोनों ही दलों ने चुनाव में जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दिये है। दोनों ही प्रत्याशी जीत का दावा कर रहे है लेकिन यहां हार जीत के बीच बसपा और निर्दल सदस्य खड़े हैं। किसी के पास भी स्पष्ट बहुमत नहीं है। ऐसे में जोर जबरदस्ती की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव अपने आप में मायने रखता है। इसमें एक-एक वोट प्रत्याशी के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिला पंचायत सदस्यों के आवागमन वाले मार्ग को चिह्नित किया गया है। उन स्थानों पर पुलिस रेस्पास वैन (पीआरवी) की 50 गाड़ियां खड़ी रहेंगी।
उन्हें खड़ी करने को रोडमैप कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि हम कुछ मिनटों में ही किसी भी एरिया को कवर सकेंगे। एक दर्जन स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। इन स्थानों पर पुलिस के जवानों की पिकेट ड्यूटी लगाई गई है। मतदान एवं मतगणना का काम नेहरू हाल में किया जाना है। वहां सुरक्षा के तीन स्तरीय इंतजाम किए गए हैं। पुलिस फोर्स की एक टुकड़ी मतदान स्थल, दूसरी बीच में एवं तीसरी आउटर कार्डन होगी।
जिला पंचायत सदस्यों को वोट दिलाने के लिए पुलिसकर्मी अपने साथ सुरक्षित ले जाने के साथ ही वोट डालने के बाद उनकी गाड़ी तक पहुंचाएंगे। इंटेलीजेंस की टीम भी लगी हुई है। किसी को पता नहीं चलेगा कि उसकी निगरानी की जा रही है। ऐसे में चुनाव में खलल डालने की कोशिश किसी को भी भारी पड़ सकती है।
BY Ran vijay singh