
बड़वानी. बड़वानी रियासत के महाराजाओं द्वारा कई भव्य इमारतें बनवाई गईं। वे आज भी अपने गौरव की गाथा कहती हुई प्रतीत होती हैं। तीर गोला आज बड़वानी की एक खास पहचान है। इसके निर्माता राणा देवीसिंह जी थे। वे अपने राजमहल सागर विलास पैलेस से अपने स्वर्गीय भाई उदयसिंह के इस मेमोरियल को निहारते थे और अपने भाई को याद करते थे।
पहाड़ पर बना उदय ममोरियल
ये शहर के अंजड़ नाका नार्थ एवेन्यु कॉलोनी के पास पहाड़ पर बना उदय ममोरियल है। जिसे शहरवासी तीर-गोला के नाम से जानते है, खासा प्रसिद्ध है। फिलहाल इसके चारों ओर बस्त बस गई है, फिर भी करीब एक एकड़ जगह की पहाड़ी खुली है। तीर-गोले के चारों के ओर कटिली झाडिय़ां उग आई है। पास में ही बस्ती के लोग निवास करतेे है, जो गंदगी फैला रहे है। यहां पर ये लोग खुले में शौच करते है, जिसकी वजह से लोग यहां जा नहीं पा रहे है।
उदयसिंह की कार दुर्घटना में हुई थी मौत
बड़वानी रियासत के पूर्व राजा के निज सचिव शिवपालसिंह सिसौदिया ने बताया कि बड़वानी के पूर्व राजा देवीसिंह द्वारा अपने छोटे भाई उदयसिंह की स्मृति में ये निर्माण कराया था। आलीराजपुर से बड़वानी आते समय उदयसिंह की कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। राजा साहब को अपने छोटे भाई से खासा लगाव था। छोटे भाई की याद में उन्होंने वर्ष 1945 में उदय मेमोरियल का निर्माण करवाया था, जिसे आज तीर-गोला के नाम से जाना जाता है। सुख विलास स्थित महल में जब तक राजा साहब रहे, वहां से प्रतिदिन ममोरियल को देखकर भाई की याद में भावुक हो जाते थे। राजा साहब द्वारा ममोरियल के आसपास एक एकड़ जगह आज भी छोड़ी गई है।
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नपा ने बनाना चाहिए शौचालय
ये जमीन राजा साहब की निजी जमीन है। निजी जमीन पर नगरपालिका निर्माण नहीं कर सकती है, लेकिन यहां पर पास ही में शासकीय जमीन है। जहां नपा शौचालय बनवा दें तो आसपास के बस्ती वाले वहीं शौच के लिए जाएंगे, जिससे गंदगी नहीं फैलेगी।
-शिवपालसिंह सिसौदिया, राजा के निज सचिव