बागपत

Baghpat Accident: बागपत एक्सप्रेसवे हादसे में बढ़ा मौत का आंकड़ा, 7 और लोगों ने तोड़ा दम, अब तक 13 की मौत

Eastern Peripheral Expressway Accident: बागपत के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर कैंटर की टक्कर से श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलट गई। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। वाहन में 32 श्रद्धालु सवार थे, जिसके बाद ओवरलोडिंग और सड़क सुरक्षा नियमों पर सवाल उठ रहे हैं।
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Sep 07, 2026
Baghpat Accident News Baghpat Road Accident Eastern Peripheral Expressway Accident
बागपत में भीषण हादसा (photo- x @ArunAzadchahal)

Baghpat Accident News: उत्तर प्रदेश के बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर हुआ भीषण हादसा अब सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं रह गया है। इस हादसे ने ओवरलोडिंग और छोटे मालवाहक वाहनों में यात्रियों को ठूंसकर लंबी दूरी तक ले जाने की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ागांव टोल के पास रविवार देर रात कैंटर की टक्कर से पलटी पिकअप में सवार 13 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

राजस्थान से दर्शन कर लौट रहे थे श्रद्धालु

हादसा रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे बड़ागांव टोल के पास हुआ। बताया गया कि बदायूं के रहने वाले श्रद्धालु राजस्थान के बांगड़ धाम से दर्शन करके वापस घर लौट रहे थे। उनके लिए यह धार्मिक यात्रा थी, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही सफर दर्दनाक हादसे में बदल गया। श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को पीछे से आ रहे कैंटर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और सड़क पर पलट गई। वाहन के पलटते ही उसमें बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई श्रद्धालु वाहन के नीचे दब गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस की मदद से किसी तरह वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

मौके पर 6 मौतें, अस्पताल में 7 ने तोड़ा दम

हादसे के तुरंत बाद छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल लोगों को खेकड़ा सीएचसी और जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ और दिल्ली रेफर किया गया। मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान सात और घायलों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। कई घायल अभी भी गंभीर हालत में बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही बागपत और मेरठ प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

32 लोग, एक छोटी पिकअप और लंबा सफर… उठ रहे सवाल

इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल उस वाहन की क्षमता और उसमें सवार यात्रियों की संख्या को लेकर है। जानकारी के मुताबिक छोटी पिकअप में कुल 32 श्रद्धालु सवार थे। वाहन में यात्रियों के बैठने के लिए जुगाड़ से ऊपर-नीचे जगह बनाई गई थी। बताया जा रहा है कि इस वाहन में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे। यानी जिस वाहन में इतने लोगों को लेकर लंबी दूरी की यात्रा की जा रही थी, उसमें क्षमता से कहीं ज्यादा लोग सवार थे। यही लापरवाही अब हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल बन गई है। अगर इतने यात्रियों को एक छोटे वाहन में नहीं बैठाया जाता, तो क्या हादसे का असर इतना भयावह होता? इस सवाल ने सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग और यात्री परिवहन के नियमों के पालन पर बहस छेड़ दी है।

दर्शन के बाद घर लौटने का था इंतजार, परिवारों को मिली मौत की खबर

जिन परिवारों के लोग राजस्थान दर्शन के लिए निकले थे, उन्हें उम्मीद थी कि यात्रा पूरी करके सभी सुरक्षित घर लौटेंगे। लेकिन रात में आए हादसे की खबर ने कई परिवारों को तोड़कर रख दिया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजन बागपत और मेरठ के अस्पतालों में पहुंचने लगे। किसी को अपने घायल रिश्तेदार की चिंता थी तो किसी को अपनों की मौत की खबर ने सदमे में डाल दिया। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे की परिस्थितियों और कैंटर चालक की भूमिका की जांच की जा रही है।

हादसा सिर्फ टक्कर का नहीं, सिस्टम की लापरवाही का भी सवाल

बागपत का यह हादसा एक बार फिर बताता है कि सड़क पर ओवरलोड वाहन कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। 32 लोगों को लेकर चल रही छोटी पिकअप और तेज रफ्तार सड़क पर हुई टक्कर ने देखते ही देखते 13 परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।अब जांच सिर्फ यह पता लगाने तक सीमित नहीं है कि कैंटर ने पिकअप को कैसे टक्कर मारी। यह भी सवाल अहम है कि इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को लेकर एक छोटे वाहन को लंबी दूरी तक चलने की अनुमति कैसे मिली और रास्ते में कहीं इसकी जांच क्यों नहीं हुई।

Updated on:
07 Sept 2026 02:43 pm
Published on:
07 Sept 2026 02:43 pm