शाहपुरा. शाहपुरा क्षेत्र में खरीफ फसल की बुवाई शुरू होने के बाद पहली बार डीएपी खाद की पहली खेप पहुंची है। शाहपुरा क्षेत्र की अधिकांश सहकारी समितियों में शनिवार को डीएपी खाद की आपूर्ति हो गई, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। डीएपी खाद उपलब्ध होने पर अब बिजाई का कार्य गति पकड़ेगा। कृषि […]
शाहपुरा. शाहपुरा क्षेत्र में खरीफ फसल की बुवाई शुरू होने के बाद पहली बार डीएपी खाद की पहली खेप पहुंची है। शाहपुरा क्षेत्र की अधिकांश सहकारी समितियों में शनिवार को डीएपी खाद की आपूर्ति हो गई, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। डीएपी खाद उपलब्ध होने पर अब बिजाई का कार्य गति पकड़ेगा। कृषि विभाग के अनुसार शाहपुरा क्षेत्र में कृभकों की ओर से करीब 350 मीट्रिक टन डीएपी खाद की आपूर्ति भेजी गई है।जानकारी के अनुसार इस बार नौतपा में गर्मी नहीं पड़ी और बीच में हल्की बारिश हो गई थी। जिसके चलते अधिकांश किसानों ने मानसून आने से पहले ही खेतों की साफ सफाई व गोबर खाद डालकर तैयार कर लिए थे। सप्ताहभर पहले हुए प्री मानसून की जोरदार बारिश होने के बाद खेतों की जुताई कर दी गई। पिछले दो दिन में कई जगह बारिश हुई है। इसके बाद से ही किसान खेतों में फसल बुवाई में जुटे हुए हैं।किसान कर रहे थे डीएपी खाद का इंतजारकिसानों ने बताया कि इस बार समय पर सहकारी समिति व क्रय विक्रय सहकारी समिति में सरकार की ओर से डीएपी खाद की आपूर्ति नहीं हो पाई। जिसके चलते किसान बुवाई के लिए डीएपी खाद का इंतजार कर रहे थे। अब डीएपी आ जाने के बाद खेतों में बुवाई का कार्य गति पकड़ेगा।
डीएपी नहीं मिला तो एनपीके खाद खरीदना पड़ा
किसानों ने बताया कि इस बार सहकारी समितियों में राज्य सरकार की ओर से एनपीके खाद की आपूर्ति पहले भेजी गई। एनपीके खाद भी डीएपी खाद की तरह ही काम करता है। एनपीके डीएपी से महंगा है। डीएपी की किल्लत होने पर किसानों ने एनपीके खाद खरीदकर फसल बुवाई कर दी। एनपीके खाद भी डीएपी का ही काम करता है, लेकिन किसान अभी भी डीएपी को ही ज्यादा महत्व देते हैं।
350 मीट्रिक टन डीएपी खाद पहुंचा
शाहपुरा कृषि विस्तार के सहायक निदेशक बाबूलाल यादव ने बताया कि कृभकों से शाहपुरा क्षेत्र में 350 मीट्रिक टन डीएपी खाद की आपूर्ति की है। जिससे क्षेत्र की सहकारी समितियों में डीएपी खाद की गाडि़या पहुंच गई है।
शाहपुरा में गाड़ी आते ही उमड़ पड़े किसान
शहर के जयपुर तिराहे स्थित सहकारी समिति के गोदाम पर डीएपी खाद के लिए काफी किसान सुबह से ही बैठे हुए थे। जैसे ही दोपहर बाद 3:30 बजे डीएपी खाद से भरा ट्रेलर पहुंचा तो किसान उमड़ पड़े। किसानों ने गाड़ी से ही डीएपी खाद के कट्टे लेने लग गए। यहां पर करीब 900 कट्टे आए।
इनका कहना है.....
- बिजाई के लिए एनपीके खाद पहले ही समितियों में उपलब्ध करवा दिया गया था। यह डीएपी से भी अच्छा काम करता है। कृभकों से 350 मीट्रिक टन डीएपी खाद की आपूर्ति आ गई है। किसानों से सहकारी समितियों में आधार कार्ड के माध्यम से ही खाद व उर्वरक प्राप्त करना चाहिए। खाद-बीज की दुकानों से बीज, उर्वरक व खाद आदि खरीदने पर बिल जरूर लेना चाहिए।बाबूलाल यादव, सहायक निदेशक
कृषि विस्तार कार्यालय शाहपुरा