
चौमूं. शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में शादी-विवाह हो या अन्य कोई सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम। तेज आवाज में डीजे के बजाए जाने से न सिर्फ विद्यार्थियों को बल्कि बुजुर्गों और रोगियों को कानफोड़ू आवाज के कारण खासी तकलीफ होती थी, लेकिन बुधवार को जिला कलक्टर की ओर से डीजे या तेज आवाज में बजाए जाने वाले ध्वनि यंत्रों को जयपुर जिले में निषेध कर देने से राहत मिलेगी। हालांकि डीजे संचालकों एवं शादी-विवाह वालों में खलबली मची रही।
सूत्रों के अनुसार चौमूं शहर समेत उपखंड क्षेत्र में सौ से अधिक डीजेयुक्त वाहन संचालित है, जो सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक उत्सवों के अलावा शादी-विवाह व अन्य कार्यक्रमों में बजाए जाते थे। तेज ध्वनि के विस्तार से आस-पास के क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी होती थी। खासकर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, बुजुर्गों एवं विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को खासी तकलीफ झेलनी पड़ रही थी। स्थिति ये थी कि कई बार रोकने-टोकने पर विवाद की स्थिति तक पैदा हो जाती थी, लेकिन जिला कलक्टर की ओर से इसे निषेध घोषित करने से आम आदमी को राहत मिलेगी। साथ ही ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आएगी। हालांकि कलक्टर ने तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्र (डीजे सहित सभी ध्वनि विस्तारक यंत्र) का उपयोग करने की स्थिति में उपखंड मजिस्टे्रट या पुलिस आयुक्त से पूर्व अनुमति लेने की छूट जरूर दी है। वहीं डीजे या डीजेयुक्त वाहन जब्त करने के आदेश से डीजे संचालकों में खलबली मची हुई है।
शादी-विवाहों का सीजन
इन दिनों में शादी-विवाहों का सीजन है और विवाह स्थलों पर रात तक डीजे बजना आम है। जिला कलक्टर के आदेश के बाद गुरुवार से विवाह स्थलों पर भी डीजे बजना बंद हो जाएंगे। सूत्रों की मानें तो यदि किसी विवाह स्थल या बारात के दौरान कोई बिना अनुमति के डीजे या तेज ध्वनि विस्तार यंत्र का प्रयोग करता है तो शिकायत पर पुलिस या प्रशासन तुरंत कार्यवाही करेगा।
डीजे संचालकों की उड़ी नींद
सूत्रों के अनुसार शहर समेत उपखंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में डीजे मालिकों ने इसे व्यवसाय रूप देते हुए लोडिंग वाहनों में परिवहन विभाग के निर्धारित मापदंडों के विपरीत वाहनों पर डीजे लगवा रखे हैं। इतना ही नहीं, शादियों का सीजन होने के कारण पहले से ही शादी-विवाहों में डीजे बजाने की बुकिंग की हुई है, लेकिन कलक्टर के आदेश के बाद इनके सामने समस्या हो गई। यदि तुरंत प्रभाव से अनुमति नहीं मिली तो क्या होगा।