शाहपुरा. बजट में देशभर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है। इस पहल से शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का अवसर प्राप्त होगा। जयपुर जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों में इन लैबों की […]
शाहपुरा. बजट में देशभर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है। इस पहल से शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का अवसर प्राप्त होगा। जयपुर जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों में इन लैबों की स्थापना से स्थानीय छात्रों को विशेष लाभ होगा। अब तक ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को डिजिटल कंटेंट निर्माण, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और सोशल मीडिया प्रबंधन जैसी कौशलों के लिए बड़े शहरों या निजी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन लैबों के माध्यम से यह सुविधाएं सीधे विद्यालयों और महाविद्यालयों में उपलब्ध होंगी।
प्रतिभा दिखाने का मौका
विशेषज्ञों का मानना है कि कंटेंट क्रिएटर लैब से विद्यार्थियों में रचनात्मकता और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जयपुर जिले के युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, जिससे वे न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर भी पहचान बना सकेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन लैबों से छात्रों को प्रोजेक्ट आधारित सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल शिक्षा की समान सुविधा प्राप्त होगी। इससे शिक्षा में समानता बढ़ेगी और डिजिटल डिवाइड कम होगा।
मील का पत्थर साबित होगी
जयपुर जिले के शिक्षाविदों ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। कम्प्यूटर शिक्षा से जुड़े कमल कुमार ब्रह्मभट्ट, मातादीन कुम्हार, संदीप कुमावत का कहना है कि एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एवं कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब से छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य में पत्रकारिता, विज्ञापन, फिल्म निर्माण, सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकेंगे।