दो पालिका बोर्ड का कार्यकाल पूरा, किसी ने नहीं ली सुध, पालिका के अधिकारी भी कर रहे अनदेखी, जांच हो तो सच्चाई आई सामने
चौमूं (जयपुर). चौमूं नगरपालिका क्षेत्र में घरों में सेप्टिक टैंक की सफाई करने और राजस्व आय प्राप्त करने के उद्देश्य से खरीदा गया मैला टैंक अनदेखी के कारण सार-संभाल के अभाव में नगरपालिका परिसर में करीब 10 साल से कबाड़ में पड़ा है, जिसके चलते जरूरतमंद लोगों को निजी मैला टैंक संचालकों को मनमानी राशि अदा करनी पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार इसकी सुध नहीं ले रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार मैला टैंक को करीब 15 लाख रुपए की लागत से खरीदा गया था। पालिका में मैला टैंक उपलब्ध होने से शहर के लोगों को कम पैसों में शौचालय टंकी (सेप्टिक टैंक) साफ कराने में बड़ी राहत मिली थी, लेकिन कुछ ही समय बाद ही यह खराब हो गया, जिसके चलते इसे पालिका परिसर में खड़ा कर दिया गया। इसके चलते यह कबाड़ बन गया। स्थिति ये है कि टैंक के टायर खराब हो गए और अन्य पाट्र्स भी जंग खा रहे हैं। पाइप भी टूटा पड़ा है। लोगों का आरोप है कि घरों में सेप्टिक टैंक की सफाई करवाने के लिए पालिका प्रशासन ने लाखों रुपए के टैंक की खरीद की, लेकिन सार-संभाल नहीं की, जिससे सरकारी राशि को चपत लगी है। सरकारी स्तर पर सफाई कराने की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को सेप्टिक टैंक को साफ कराने में साढ़े तीन हजार रुपए तक का खर्च वहन करना पड़ रहा है। नगरपालिका ने न तो टैंक को ठीक करवाया और ना ही नया टैंक खरीद गया।
900 से 1200 रुपए तक वसूल रहे निजी टैंक वाले
घरों में सेप्टिक टैंक सफाई के लिए नगरपालिका की ओर से व्यवस्था नहीं होने से लोगों को निजी टैंक वालों से सफाई करवानी पड़ रही है। अशोक विहार निवासी राकेशकुमार शर्मा ने बताया कि निजी टैंक वाले लोगों से प्रति टैंक के 900 से 1200 रुपए तक वसूल रहे हैं। इससे लोगों को आर्थिक परेशानी हो रही है। लोगों ने प्रशासन से सरकारी स्तर पर व्यवस्था कराने की मांग की है।
इनका कहना है
मैला टैंक की जानकारी नहीं है। जानकारी कर ही कुछ कह सकता हूं।
हाजी सलीम खां, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका चौमूं