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मकान गिरा, मलबे में दबी मां-बेटे की चीख, दोनों की मौत

मकान गिरने के बाद पड़ा मलबा
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Mar 01, 2025
मकान गिरने के बाद पड़ा मलबा
मकान गिरने के बाद पड़ा मलबा

जयपुर. सांभरलेक के निकटवर्ती हबसपुरा पंचायत के रिनगी गांव में शुक्रवार तड़के एक मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे के नीचे दबने से मां-बेटे की मौत हो गई जबकि परिवार के दो सदस्य घायल हो गए जिन्हें गंभीर हालत में जयपुर रैफर किया गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। हादसा इतना भीषण था कि मां-बेटे की चीख मलबे में ही दबकर रह गई और दोनों ने दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक हादसा शुक्रवार तड़के किसान मेवाराम गुर्जर के मकान में हुआ। रात को वह खाना खाकर खेत पर सोने चला गया और घर में उसकी पत्नी हंसा देवी और बेटा लोकेश, दिलखुश, भांजा नंदराम व मां थी। मकान गिरने से मलबे में दबी पत्नी हंसा व बेटे लोकेश की मौत हो गई। जबकि दिलखुश व नंदराम गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं मेवाराम की मां चमत्कारिक रूप से बच गई।
धमाके की आवाज से जागे लोग
अचानक धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को जाग हुई तो मेवराम के मकान का बड़ा हिस्सा मलबे के ढेर में तब्दील नजर आया। लोग परिवार के लोगों को बचाने पहुंचे और घायल दिलखुश व नंदराम को गंभीर हालत में सांभरलेक उपजिला अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जयपुर रैफर कर दिया गया। जबकि मां-बेटे के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
मलबे से निकले पत्नी-बेटे के शव तो बिलख पड़ा मेवाराम
घटना के समय मकान मालिक मेवाराम अपने छोटे बेटे कानाराम के साथ खेत पर सो रहा था। हादसे की सूचना मिलने पर वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। उसका भांजा नंदराम गुरुवार शाम को ही गांव आया था और वह भी हादसे में घायल हो गया। जब मलबा हटाकर मां-बेटे के शव निकाले गए तो उन्हें देखकर मेवाराम व उसकी मां बिलख पड़े। वहीं आसपास के लोग भी आंसू नहीं रोक सके।

Updated on:
01 Mar 2025 05:33 pm
Published on:
01 Mar 2025 05:33 pm