जयपुर. प्रदेश में सरकारी पेंशनरों के लिए वार्षिक प्रक्रिया जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय की गई थी, लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद प्रदेश के दो लाख से अधिक पेंशनरों ने यह अनिवार्य दस्तावेज जमा नहीं कराया है। स्थिति यह है कि कुल 5,85,738 पेंशनरों में से केवल 3,13,246 […]
जयपुर. प्रदेश में सरकारी पेंशनरों के लिए वार्षिक प्रक्रिया जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय की गई थी, लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद प्रदेश के दो लाख से अधिक पेंशनरों ने यह अनिवार्य दस्तावेज जमा नहीं कराया है। स्थिति यह है कि कुल 5,85,738 पेंशनरों में से केवल 3,13,246 ने ही अब तक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए हैं, जबकि 2,37,019 पेंशनर इससे वंचित रह गए हैं। विभाग की ओर से भले ही पेंशन रोकने के आदेश फिलहाल जारी नहीं हुए हों, लेकिन विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि जल्द दस्तावेज अपडेट नहीं किए गए तो दिसंबर के बाद की पेंशन पर संकट खड़ा हो सकता है।जयपुर जिले में 25 फीसदी शेष
राज्य स्तर पर ही नहीं, जयपुर जिले में भी यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। जिले के लगभग 88 हजार पेंशनरों में से 66 हजार ने जीवन प्रमाण पत्र की औपचारिकता पूरी कर ली है, लेकिन करीब 22 हजार पेंशनरों ने अंतिम तिथि तक भी यह अनिवार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की।
आगामी महिनों में असरविभागीय अधिकारियों के अनुसार, कई पेंशनर तकनीकी अड़चनों, स्वास्थ्य कारणों या जागरूकता की कमी की वजह से दस्तावेज जमा नहीं करा पाते। जबकि राज्य कर्मचारी की एसएसओ आईडी, ऑफलाइन और बैंक-डाकघरों के माध्यम से कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थी, फिर भी बड़ी संख्या में लोग प्रक्रिया से बाहर रह गए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नवंबर माह की पेंशन पर तो इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि इसके रोकने से जुड़ा कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है। लेकिन अगले महीनों के लिए जीवन प्रमाण पत्र अनिवार्य है।