विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन के तहत इस जिले को 3.20 अरब का बजट मंजूर किया गया है। यह धनराशि 1043 ग्राम पंचायत में खर्च की जाएगी। अगले महीने से गांव के विकास को रफ्तार मिलने की संभावना है।
बहराइच जिले में अगले वित्तीय वर्ष से गांवों में बड़े पैमाने पर काम शुरू होने जा रहा है। विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन के तहत 1043 ग्राम पंचायतों में मजदूरों को रोजगार देने और विकास कार्य कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए 3.20 अरब रुपये का बजट मंजूर किया गया है।
बहराइच में आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 में गांवों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन के तहत जिले के सभी 14 ब्लॉकों की 1043 ग्राम पंचायतों में काम शुरू कराया जाएगा। प्रशासन ने इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। और 3.20 अरब रुपये के बजट को हरी झंडी मिल चुकी है।
इस योजना के जरिए श्रमिकों को बड़े पैमाने पर रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 75 लाख मानव दिवस सृजित करने की तैयारी है, यानी हजारों श्रमिकों को साल भर में लगभग 125 दिन तक काम मिल सकेगा। जिले में 3,27,549 सक्रिय मनरेगा श्रमिकों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
कामों की बात करें तो जल संरक्षण, जल संग्रहण, पर्यावरण बचाने के लिए पौधरोपण, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कैटल शेड का निर्माण, जरूरतमंदों के लिए आवास संबंधी कार्य और गांवों में कच्चे-पक्के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। योजना के तहत कुछ काम सीधे लाभार्थियों को ध्यान में रखकर भी होंगे। जिससे ग्रामीणों को व्यक्तिगत लाभ मिल सके।
कुल बजट का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा निर्माण सामग्री और अन्य खरीद पर खर्च किया जाएगा। जबकि बाकी राशि मजदूरी में जाएगी। ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर अलग-अलग कामों का प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन भी करा लिया गया है। उपायुक्त मनरेगा के मुताबिक, एक अप्रैल से ग्राम पंचायतों में काम धरातल पर दिखने लगेगा। प्रशासन का दावा है कि इस योजना से रोजगार भी बढ़ेगा और गांवों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होगी।