Bahraich News: बहराइच जिले में दर्दनाक ट्रेन हादसा हो गया। ट्रेन आता देख मासूम बच्चा जब तक मां उसका हाथ पकड़ पाती। तब तक वह ट्रैक की तरफ दौड़ पड़ा। उधर से ट्रेन आ रही थी। बेटे को बचाने के चक्कर में दोनों की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
Bahraich News: बहराइच जिले में गोंडा बहराइच रेल प्रखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से मां बेटे की मौत हो गई। मां अपने बेटे को लेकर बाजार गई थी। बाजार से वापस लौटते समय वह बहराइच गोंडा रेल प्रखंड के पिलर संख्या 59/ 21 के पास खड़ी होकर ट्रैक पार करने के लिए खड़ी थी। इस बीच बहराइच से गोंडा की तरफ डेमो ट्रेन जा रही थी। ट्रेन को देखकर बच्चा अपनी मां से हाथ छुड़ाकर दौड़ पड़ा। उसे पकड़ने के लिए उसकी मां भी पीछे से दौड़ पड़ी तब तक ट्रेन आ गई। जिसकी चपेट में आने से दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।
Bahraich News: बहराइच जिले में गोंडा बहराइच रेल प्रखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से मां बेटे की मौत हो गई। इस संबंध में सीओ ने बताया कि रोशनी गुप्ता 25 वर्ष अपने बेटे दिव्यांश 4 वर्ष के साथ बाजार गयी थी। लौटते वक्त वह बहराइच-गोंडा रेल प्रखंड के रेलवे पिलर संख्या 59/21 के निकट रेलवे लाइन पार करने के लिए खड़ी थी। इसी बीच ट्रेन को आता देख बच्चा मां से हाथ छुड़ाकर दौड़ पड़ा। उसके पीछे मां भी दौड़ी तब तक ट्रेन आ गई। जिसकी चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लोगों का कहना है कि रेलवे लाइन के उस पार मोहल्ला बस्तियों में करीब 5 हजार पक्के मकान बने हैं। यहां पर 20 से 25000 की आबादी रहती है। लोगों के आने-जाने के लिए कोई ओवर ब्रिज या अंडरपास नहीं है। कुछ दिन पहले ओवर ब्रिज या फिर अंडरपास बनाने के नाम पर रेलवे गेट बंद कर दिया गया। एक और रास्ता है। जिस पर 2 फीट तक का जल भराव रहता है। जिस कारण से लोग उसे रास्ते से नहीं जाते हैं। बस्ती तक पहुंचाने के लिए तीन से चार किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है इसलिए लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। यहां के रहने वाले लोग जनप्रतिनिधियों से कई बार ओवर ब्रिज बनवाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी समस्या का निदान नहीं हो सका है।