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Bahraich News: दो करोड़ की लागत से बनेंगे फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, ग्रामीण क्षेत्र में हो रही जमीन की तलाश

Bahraich News: बहराइच में दो करोड़ की लागत से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की तलाश की जा रही है। आइये जानते हैं क्या है पूरी योजना।

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फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट सांकेतिक तस्वीर जेनरेट AI

फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट सांकेतिक तस्वीर जेनरेट AI

Bahraich News: यूपी के बहराइच जिले में अब ग्रामीण इलाकों में भी आधुनिक फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित करने की तैयारी है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य गांवों में सेप्टिक टैंकों की सफाई की समस्या खत्म करना और मल-जल का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है।

Bahraich News: बहराइच जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत यह व्यवस्था लागू की जाएगी। योजना के मुताबिक तीन हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी। फिलहाल जिले की दो ग्राम पंचायतों में एफएसटीपी स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। पंचायती राज विभाग इस संबंध में राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर उपयुक्त भूमि की तलाश कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार प्लांट के लिए आबादी क्षेत्र से लगभग 250 से 500 मीटर दूर जमीन चिन्हित की जाएगी, ताकि दुर्गंध, शोर या संक्रमण जैसी समस्याओं से ग्रामीणों को परेशानी न हो। अभी तक पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसलिए प्रक्रिया जारी है।

अवशेष से बनेगी जैविक खाद

एक प्लांट के संचालन के लिए लगभग 30 किलोवाट बिजली और प्रतिदिन करीब पांच हजार लीटर पानी की आवश्यकता होगी। इन संयंत्रों के माध्यम से शौचालयों के सेप्टिक टैंकों से निकाले गए मल-जल का वैज्ञानिक ढंग से उपचार किया जाएगा। उपचारित अवशेष को जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। जबकि साफ किए गए पानी को कृषि सिंचाई के लिए काम में लाया जाएगा।
इस पहल से गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी। खुले में गंदगी फैलने की समस्या पर रोक लगेगी। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि जमीन चिन्हित होते ही प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिया जाएगा। जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।