बहराइच

‘तब तक लटकाओ, जब तक मौत न हो…’ 10 साल के भाई की बलि देने वाले को फांसी की सजा

Bahraich Tantrik Murder News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 10 साल के बच्चे की अंधविश्वास के चलते हत्या करने वाले उसके सगे चचेरे भाई को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।
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Jan 10, 2026
court news
प्रतीकात्मक फोटो

Bahraich News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 10 साल के बच्चे की बलि देने वाले मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोतवाली नानपारा क्षेत्र के परसा अगैया गांव में 10 साल के बच्चे की हत्या के मामले में उसके सगे चचेरे भाई को फांसी की सजा सुनाई गई है। यह हत्या अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर की गई थी।

अदालत का सख्त फैसला

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील प्रसाद की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी अनूप कुमार वर्मा को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि दोषी को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। इसके साथ ही आरोपी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

अंधविश्वास बना हत्या की वजह

अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी अनूप कुमार का बेटा सत्यम लंबे समय से बीमार रहता था। इसी कारण वह अंधविश्वास के चक्कर में पड़ गया। एक तांत्रिक ने उसे सलाह दी कि अगर वह अपने परिवार के किसी बच्चे की बलि दे देगा, तो उसका बेटा ठीक हो जाएगा। इसी अंधविश्वास में आकर उसने अपने ही चचेरे भाई के बेटे की हत्या कर दी।

कैसे हुई घटना?

यह घटना 23 मार्च 2023 की है। राम किशुन का 10 साल का बेटा विवेक वर्मा उस दिन खेत में मृत अवस्था में मिला था। उसका शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था। घटना के समय विवेक के पिता राम किशुन अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक निमंत्रण में गए हुए थे। सूचना मिलने पर वे तुरंत गांव लौटे।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी

राम किशुन की शिकायत पर पुलिस ने हत्या और साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। शुरुआत में किसी को नामजद नहीं किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने विवेक के चचेरे भाई अनूप कुमार वर्मा, गांव के चिंताराम और बेंचईपुरवा निवासी तांत्रिक जंगली को गिरफ्तार किया।

आरोपी ने कबूला जुर्म

पूछताछ में अनूप कुमार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने विवेक को खेत में पानी देने के बहाने बुलाया और वहां धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

दो आरोपी हुए बरी

अदालत ने सबूतों के अभाव में तांत्रिक समेत दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। हालांकि मुख्य आरोपी को कठोरतम सजा सुनाई गई। इस फैसले को अंधविश्वास के खिलाफ एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

Updated on:
10 Jan 2026 08:59 am
Published on:
10 Jan 2026 08:59 am