- बस पकडऩे जाने पर यात्री को पता चल रहा टिकट कैंसिल होने की जानकारी - परेशान यात्रियों को मौके पर बताने वाला नहीं रहता कोई, पैसे भी तुरंत नहीं मिलते वापस
अखिलेश ठाकुर बालाघाट. आनलाइन टिकट बुक कराकर बस से यात्रा करने वाले यात्री सावधान हो जाए। उनकी यात्रा सुखद और गंतव्य तक पूरी होगी। इसकी गारंटी नहीं है। यात्री का टिकट कभी भी कैंसिल कर दिया जाता है, लेकिन उसे इसकी जानकारी बस पकडऩे जाने के बाद निर्धारित समय पर होती है। यह बात ‘पत्रिका स्टिंग’ में सामने आई है।
‘पत्रिका’ टीम ने सिवनी से बालाघाट के लिए रविवार को टिकट नंबर टीटी9एक्स36997523 आनलाइन बुक कराया। सुबह 11.50 बजे सिवनी बस स्टेण्ड से यात्रा शुरू होनी थी। टीम निर्धारित समय पर यात्रा के लिए बस स्टेण्ड पहुंची तो पता चला कि बस नहीं जा रही है। वहां मिले एक शख्स से जब इस संबंध में जानकारी चाही गई तो उसने एक व्यक्ति को गुप्ताजी नाम से संबोधित करते हुए उसके पास भेज दिया।
उन्होंने मोबाइल नंबर 8989922777 देते हुए बात करने के लिए कहा, जब उस नंबर पर बात की गई तो उसने अपना नाम विशाल बताया। कहा कि बस कैंसिल हो गई है। आपको पैसे तीन से चार घंटे में वापस कर दिए जाएंगे।
बस कैंसिल होने के संबंध में सूचना क्यों नहीं दिया? पूछने पर बताया कि मैसेज भेजा गया है। उनको बताया गया कि कोई मैसेज नहीं मिला है। इसके बाद उसने सीट नंबर पूछा। उसको सीट नंबर नौ बताया गया फिर उसने देखकर बताने को कहा। लेकिन यात्रियों के लिए कोई दूसरे बस की व्यवस्था कराए जाने के सवाल पर चुप्पी साध ली।
इसके पूर्व ‘पत्रिका’ टीम ने शनिवार को रविवार की यात्रा के लिए टिकट नंबर 99जेजेडकेडी84 आनलाइन बुक कराया था। टिकट बुक होने के कुछ देर बाद ही मोबाइल नंबर 6262625598 से कॉल आया कि बस कैंसिल हो गई है। बात करने वाले ने बताया कि यह बस जबलपुर से नहीं आ रही है। इसकी वजह से नहीं जाएगी। आपका पैसा वापस कर दिया जाएगा। अब सवाल यह है कि जब बस जाने वाली ही नहीं है तो आनलाइन बुकिंग में वह दिखता क्यों है? यदि कोई समस्या आती है तो इसकी सूचना यात्री को इतनी देर पहले मिले क्यों नहीं दी जाती ताकि वह दूसरी व्यवस्था कर सकें।
यह है प्रावधान
बस को परमिट उसी शर्त पर जारी किया जाता है कि यदि यात्री ने टिकट लिया है तो समस्या होने पर ऑपरेटर को दूसरी बस की व्यवस्था करानी होगी। बस कैंसिल होती है तो उसे इतना समय दिया जाए ताकि वह दूसरी व्यवस्था बिना किसी परेशानी के कर सकें। इसकी पुष्टि सिवनी एआरटीओ देवेश बाथम ने की है।
यदि कोई बस संचालक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। यह मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी।