जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में गत दिवस हुई चार नवजात शिशुओं की मौत का मामला गर्मा गया है। इस मामले में जिला प्रशासन के बाद स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी जांच शुरु कर दी है। बुधवार को मामले की जांच करने भोपाल से स्वास्थ्य संचालक (गहन चिकित्सा इकाई) राजश्री बजाज व जवाइंड डायरेक्टर जबलपुर डॉ केएल साहू अपने अन्य सदस्यों के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचे। इस दौरान इन्होंने सीएस संजय धबडग़ांव के साथ ही चिकित्सक व ट्रामा सेंटर में तैनात स्टॉफ नर्सो के बयान लिए। इसके बाद बयानों व अन्य जांच कार्रवाई का अवलोकन करने के बाद न्याय संगत कार्रवाई किए जाने की जांच अधिकारियों द्वारा कही जा रही है।
गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे स्वास्थ्य संचालक बजाज ट्रामा सेंटर पहुंची। जिन्होंने पहले डॉ केएल साहू द्वारा की गई जांच का अवलोकन किया। इसके बाद प्रसूती वार्ड में बयान लेने शुरु किए। दोपहर डेढ़ बजे से शुरू की गई जांच दिनभर चलती रही। इस दौरान घटना के दिन तैनात ड्यूटी डॉक्टर, नर्सो के अलावा एक पीडि़त परिजन के भी बयान दर्ज किए गए।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य संचालक बजाज द्वारा चिकित्सकों के बयान लिए जाने के दौरान सभी ने बचाव करते हुए सफाई देने की कोशिश की। वहीं स्टॉफ नर्सो को अधिकारियों के आने के ही पूर्व बयान क्या देने हैं समझा दिया गया है। इस कारण सभी के बयान चिकित्सकों के बचाव पक्ष में ही होने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर घटना के दिन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक रश्मि बाघमारे द्वारा अपना बचाव करते हुए किसी अन्य महिला चिकित्सक पर दोषा रोपण करने की चर्चा भी जांच के दौरान चली।
जांच कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य संचालक बजाज ने पीडि़त पिता ललित वराड़े के बयान भी लिए। इस दौरान ललित ने अपने पूर्व में पत्रिका को दिए गए बयान को यथावत रखते हुए शासकीय चिकित्सक रश्मि बाघमारे पर पांच रुपए मांगने और इसके बाद ही उसकी प्रसूता संतोषी का प्रसव कराए जाने की बात कहने के बयान दर्ज कराए।
अधिकारियों द्वारा मेरे भी बयान दर्ज किए गए हैं। जिसमें मैने पूर्वानुसार की तरह ही बताया कि मेरी पत्नी संतोषी का प्रसव कराने के दौरान डॉ बाघमारे द्वारा पांच हजार की मांग की गई थी।
हमारे उपर रुपए मांगने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे बिल्कुल निराधार है। हमने किसी से भी रुपए नहीं मांगे हैं। वहीं घटना के दिन अस्पताल में बिजली गुल थी। हमारे द्वारा किसी चिकित्सक के उपर दोषा रोपण भी नहीं किया जा रहा है।
डॉ रश्मि बाघमारे, महिला चिकित्सक
आज हमारे द्वारा घटना की वास्तवितकता का पता किया गया, वहीं चिकित्सक व स्टाफ नर्सो के बयान भी दर्ज किए गए हैं। अभी हम कोई भी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
राजश्री बजाज, स्वास्थ्य संचालक भोपाल