जिले के समाजसेवियों द्वारा मूक जानवरों के लिए भोजन व चारा की सुविधा की गई है।
बालाघाट. जिले के समाजसेवियों द्वारा मूक जानवरों के लिए भोजन व चारा की सुविधा की गई है। कोरोना वायरस से निपटने 14 अप्रैल तक किए गए लॉकडाउन के चलते जहां मानव जनजीवन प्रभावित हुआ है वहीं मानव पर आश्रित गौवंश और श्वानों के लिए भोजन की समस्या खड़ी हो गई है। आम दिनों में किसी न किसी तरह इनके भोजन और पानी की व्यवस्था हो जाती थी। लेकिन लॉकडाउन के दौरान लोगों के घरों में कैद हो जाने से मूक जानवरों को भोजन नहीं मिल पा रहा था। जिसे देखते हुए प्रशासनिक अनुमति के बाद समाजसेवी रमेश रंगलानी, महेन्द्र सुराना, अभय कोचर, धन्ना माधवानी द्वारा एक अनूठी पहल करते हुए 11 अप्रैल से मूक जानवर गौवंश और श्वानों के लिए उनके भोजन की व्यवस्था बनाई गई।
गौवंश के लिए समाजसेवी महेन्द्र सुराना द्वारा 50 बेट पैरा लाकर अपने सहयोगियों के साथ शहर के 20 स्थानों में इतवारी गंज, सब्जी मंडी, गंज बाजार के पास, गंज बाजार पानी टंकी के पास, जयहिंद टॉकीज, जामा मस्जिद, गुजरी बाजार, सुजान धर्मशाला, सिंधु भवन के सामने, एक्सिस बैंक के पास, नया सराफा, पिपलेश्वर महादेव मंदिर के पास सहित अन्य स्थानो में गौवंश के लिए पैरा की बेट के साथ ही पानी की व्यवस्था भी की गई है। जिससे गौवंश के लिए लॉकडाउन के समय तक चारे की व्यवस्था हो गई है। इसके अलावा टीम द्वारा विभिन्न स्थानों में विचरण कर रहे श्वानों की भोजन की व्यवस्था बनाई जा रही है। इस संबंध में अभय कोचर ने बताया कि नगर में घूमने वाले श्वानों के भोजन के लिए मोटी रोटी तैयार की जा रही है, जिसे शहर के अलग.अलग स्थानों में श्वानों को रोटी प्रदान की जाएगी। जिससे वह भी भूखे न रहे। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि इस आपदा के दौर में आम लोगों की मदद के साथ ही मूक जानवरों के लिए भी मदद के लिए आगे आए और घर में गौवंश और श्वान के लिए भी एक-एक रोटी बनाए और उनके पीने के लिए पानी की व्यवस्था बनाया जाए।