बालाघाट

शासकीय जमीन पर खनन कर भर रहे सडक़ पर मिट्टी व मुरम

बालाघाट. विकास से कोसो दूर अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सडक़ का जाल बिछाने का क्रम जारी है। बिठली से पंडरापानी बैगाटोला 1.95 किमी एवं जालदा से भरेवाटोला तक 2.60 किमी सडक़ का निर्माण हो रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना से स्वीकृत इन सडक़ों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ […]

2 min read
Feb 17, 2026
अति नक्सल प्रभावित चुक्काटोला व पंडरापानी में अवैध खनन का आरोप - ग्रामीण बोले, खनन के बाद हादसे को निमंत्रण दे रहे गड्ढे

बालाघाट. विकास से कोसो दूर अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सडक़ का जाल बिछाने का क्रम जारी है। बिठली से पंडरापानी बैगाटोला 1.95 किमी एवं जालदा से भरेवाटोला तक 2.60 किमी सडक़ का निर्माण हो रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना से स्वीकृत इन सडक़ों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के अधिकारियों की देखरेख में टेंडर लेने वाली कंपनी कर रही है। आरोप है कि निर्माणदायी कंपनियां शासकीय जमीन पर खनन कर मिट्टी और मुरम निकालकर सडक़ की भराई का कार्य कर रही है।

बिठली से पंडरापानी बैगाटोला तक 1.95 किमी सडक़ के कार्य का वर्कआर्डर 10 अक्टूबर को जारी हुआ। करीब एक करोड़ पांच लाख रुपए से इस सडक़ का निर्माण किया जा रहा है। उक्त सडक़ बनाने वाली कंपनी ने ग्राम पंडरापानी के शासकीय स्कूल के पीछे और ग्राम के दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर खनन किया है।

जालदा से भरेवाटोला तक 2.60 किमी सडक़ का निर्माण 1.53 करोड़ रुपए की लागत से होना है। इसका कार्य 27 मार्च 2025 से प्रारंभ है। उक्त सडक़ पर ग्राम चुक्काटोला के रहवासी क्षेत्र में बड़े पैमान पर खनन किया गया है। इसके अलावा भरेवाटोला के पास दाये तरफ घास मद की जमीन पर भी खनन किया गया है। खास है कि खनन कर वैसे ही बिना फैसिंग से सुरक्षित किए वैसे ही उक्त जगह को छोड़ दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भरने से हादसे की संभवना बनी रहेगी। इस संबंध में उप संचालक खनिज फरहत जहां ने बताया कि खनिज निरीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं।

पांच हजार बोला दिया एक हजार

ग्राम चुक्काटोला व भरेवाटोला में ग्राम के कोदो बैगा ने खनन का विरोध किया। कहा कि जब मैंने खनन का विरोध किया मुझे पांच हजार रुपए देने की बात कही, लेकिन केवल एक हजार रुपए दिया है। बताया कि कंपनी ने मेरे पट्टे की जमीन के साथ ही घास मद के जंगल की जमीन पर भी खनन किया है।

वर्जन - एक मैंने टीम भेजकर जांच कराया है। प्रथम दृष्टया अभी तक खनन राजस्व की जमीन पर सामने आया है। वन विभाग की जमीन पर खनन नहीं मिला है। - रेशम सिंह धुर्वे, डीएफओ उत्तर वनमंडल

वर्जन - दो क्षेत्र में जहां-जहां खनन हुआ है। उसकी जांच कराएंगे। इसके बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अर्पित गुप्ता, एसडीएम बैहर

Also Read
View All

अगली खबर