बालाघाट

‘6 बजे के बाद रखते है मीटिंग, काटते है वेतन’ IAS के विरोध में पंचायत अफसरों ने खोला मोर्चा

MP News: पंचायत विभाग के कर्मचारी और अधिकारी वेतन कटौती और कथित अभद्र व्यवहार से नाराज कर्मचारियों ने जिपं सीईओ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

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Mar 05, 2026
protest against the District Panchayat CEO Abhishek Saraf (फोटो- Patrika.com)

MP News: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पंचायत विभाग के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारियों से लेकर जनपद और जिला स्तर के अधिकारी तक एकजुट होकर जनपद पंचायत बालाघाट कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ अपने व्यवहार में बदलाव लाएं या फिर उनका तबादला किया जाए। इस मुद्दे पर विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी बात रखी और आंदोलन की वजह बताई।

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32 दिन का काटा वेतन

कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में मीनाक्षी तालाब और बलराम तालाब निर्माण के लिए राज्य स्तर से लक्ष्य तय किए गए थे। सबसे अधिक लक्ष्य खैरलांजी जनपद पंचायत को मिला। अधिकारियों के अनुसार उन्होंने लक्ष्य पूरा करने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन क्षेत्र में बहुत से किसानों की जमीन है जिससे तालाब निर्माण अड़चन पैदा हो रही है। कई कोशिशों के बावजूद लक्ष्य थोड़ा अधूरा रह गया। आरोप है कि इसी वजह से जिला पंचायत सीईओ ने 32 दिन का वेतन काट लिया। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन कटने से उनके परिवारों पर सीधा आर्थिक असर पड़ता है।

कर्मचारियों का आरोप- सीईओ का व्यवहार अभद्र

आंदोलन में शामिल लालबर्रा जनपद पंचायत की असिस्टेंट इंजीनियर मीनाक्षी नागेश्वर ने आरोप लगाया कि कार्य समय समाप्त होने के बाद भी ऑनलाइन बैठकें बुलाई जाती हैं। उनका कहना है कि शाम 6 बजे के बाद नियमित रूप से मीटिंग ली जाती है और उसमें कर्मचारियों से कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया जाता है। इससे निजी जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि या तो कार्यशैली बदली जाए या फिर शासन स्तर पर कार्रवाई हो।

जनपद पंचायत सीईओ वृंदावन मीना का कहना है कि बेहतर परिणाम के लिए आपसी सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिना आवश्यकता छुट्टी के दिन समीक्षा बैठकें न बुलाई जाएं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है।

पहले भी लग चुके है IAS साहब पर आरोप

दूसरी ओर, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। इससे पहले भी उन पर अभद्रता के आरोप लग चुके हैं। अभिषेक सराफ ने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 2020 में यूपीएससी में 8वीं रैंक हासिल कर आईएएस बने। अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर निर्णय का इंतजार है। (MP News)

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Published on:
05 Mar 2026 10:42 am
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