रोजमर्रा के जीवन में भारी संघर्ष, गुजारा करना मुश्किल
बालाघाट. साहब..., हमलोगों को शिक्षा, आवास की सुविधा व नलजल योजना का पानी नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाए। हमारे लिए गरीबी रेखा का राशन कार्ड बनवाया जाए। यह मांग दृष्टि बाधित, मानसिक व हाथ-पांव से दिव्यांगजनों ने मंगलवार को कलेक्टर मृणाल मीना से की। उनका कहना था कि उनको मिलने वाली छह सौ रुपए की पेंशन बढ़ती महंगाई में नाकाफी साबित हो रही है।
दिव्यांगजनों ने कहा कि सुविधाओं के अभाव में रोजमर्रा के जीवन में भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। इस पेंशन के सहारे गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। पेंशन बढ़ाया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ताकि हमारी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें। उन लोगों ने इससे संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा है। प्रतिवर्ष नए उपकरण दिए जाने की भी मांग की है। ज्ञापन लेने के बाद नियमानुसार उनको सुविधाएं मुहैया कराए जाने का आश्वासन मिला है।
रोजगार व आर्थिक सहायता का करें
प्रावधान एक दिव्यांग की मां श्यामू उपवंशी ने बताया कि इस महंगाई में बच्चे का पालन-पोषण करने शासन से मिलने वाली सहायता बहुत कम है। इससे इलाज, शिक्षा और दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। दिव्यांग दुबेश कुमार पटले ने बताया कि वे और उनकी पत्नी दोनों दिव्यांग हैं।
उनको केवल 600 रुपए पेंशन मिल रही है, जिसमें गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। दिव्यांगों ने कहा कि रोजगार के अवसर की कमी उनके लिए बड़ी समस्या है। शारीरिक अक्षमता के कारण उन्हें काम मिलना कठिन हो रहा है। शासन से आर्थिक सहायता और रोजगार के विशेष प्रावधान कराया जाना चाहिए।