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MP News: मध्य प्रदेश के लिए गोंदिया से जबलपुर तक की रेलवे लाइन की डबलिंग पत्थर का मील साबित होगी। इस रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के अंतर्गत बालाघाट के विकास में तेजी आएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के द्वारा इसे रामायण सर्किट के साथ उत्तर-दक्षिण तक का कॉरिडोर बताया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के द्वारा जानकारी दी गई कि 231 किलोमीटर लंबी गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण परियोजना 5236 करोड़ रुपये की लागत से पांच साल में पूरा होगा। जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों को फायदा पहुंचेगा।
इस परियोजना के अंतर्गत वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रूपये के अंडरपास और फेंसिग पर खर्च किए जाएंगे। साथ ही नर्मदा नदी पर एक बड़ा पुल, 65 सामान्य पुल और 369 छोटे पुलों का निर्माण भी किया जाएगा।
बालाघाट सांसद भारती पारधी ने दोहरीकरण की स्वीकृति पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने बताया कि इस मांग को संसद में भी उठाया गया था। सांसद ने बाजपेयी सरकार के युग को याद करते हुए बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में रेलवे लाइन नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदली थी और अब मोदी सरकार के राज में रेलवे दोहरीकरण का काम भी होगा।
Published on:
24 Feb 2026 07:38 pm
