
बूंदी. बूंदी शहर में पांचवें दिन शुक्रवार को हालात सामान्य हुए। आमजन की दैनिक दिनचर्या पटरी पर लौट आई। सभी ने राहत की सांस ली। शहर में शांत माहौल से हर कोई सुकून महसूस करता दिखाई दिया। चार दिन बाद बाजार खुलने पर बाजारों में चहल-पहल नजर आई। लोगों ने बाजार में पहुंचकर खरीदारी की। इधर, बाजारों में ऐहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारी भी निगाहें रखे रहे।
उल्लेखनीय है कि मानधाता की छतरी पर आयोजन को लेकर नए वर्ष में एक जनवरी से शहर के बाजार बंद थे। जिससे आमजन को कई तकलीफ झेलनी पड़ी। महिलाएं, बच्चे सहित सभी लोग घरों में कैद रहे। बंद बाजार के चलते लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया था।
मिला रोजगार तो खिले चेहरे
शहरभर में बीते चार दिन से बंद के चलते गरीब व जरूरतमंद लोगों के रोजगार पर संकट पैदा हो गया था। लोगों का रोजगार ठप हो गया था। कहीं कोई काम नहीं होने से परिवार पालने में संकट पैदा हो गया था। ऐसे में शहर के बाजार खुलने के साथ ही सभी जरूरतमंदों का रोजगार भी शुरू हो गया। रोजगार मिलने से सभी के चेहरे खिल गए। थड़ी, ठेले वालों का रोजगार शुरू हो गया।
तैनात रही पुलिस
शहर में सुरक्षा के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम रखे। प्रमुख जगहों पर पुलिस कांस्टेबल निगरानी रखे रहे। कुछ जगहों पर सशस्त्र पुलिस बल मौजूद रहा। इस दौरान संदिग्धों पर भी नजर रखी गई। सादा वर्दी में भी पुलिस जवान तैनात रहे।
माधवानी का अनशन तुड़वाया
पार्षद मुकेश माधवानी की भूख हड़ताल शुक्रवार को तुड़वाई।वे लाठीचार्ज की घटना के बाद से ही कोटा अस्पताल में अनशन पर थे। भाजपा जिलाध्यक्ष महीपत सिंह एवं बाबा रामलखन दास, बाबा बालक दास आदि कोटा चिकित्सालय में पहुंचा।