
100 ग्रामों के लिए तैयार हो रहा 300 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान
बालाघाट. नक्सलवाद से मुक्त हो चुके जिले में अब विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। कभी नक्सल प्रभावित रहे गांवों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू की है। कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में इसको लेकर गुरुवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई।
बताया गया कि अति नक्सल प्रभावित रहे बैहर, बिरसा, किरनापुर, लांजी व परसवाड़ा विकासखंड के 100 ग्रामों को चिन्हित कर विभिन्न विभागों के माध्यम से विकास की योजना तैयार की जा रही है। 300 करोड़ से अधिक के कार्य प्रास्तावित हैं। जल संसाधन विभाग ने 16 ग्रामों में सिंचाई योजनाएं तैयार की है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग ने स्टॉपडेम और चेकडेम जैसे लघु सिंचाई कार्य प्रस्तावित किए हैं।
बिजली कंपनी सोलर सेंटर एवं ट्रांसफार्मर स्थापना के लिए लगभग 13.50 करोड़ रुपए। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 37 ग्रामों में उचित मूल्य दुकान सह 50 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण की योजना प्रस्तावित है। महिला एवं बाल विकास विभाग, पीएचई, सर्व शिक्षा अभियान, उद्योग एवं तकनीकी विभाग की ओर से भी अलग-अलग कार्य के प्रस्ताव तैयार किए हैं।
मत्स्य, पशुपालन, स्वास्थ्य, आयुष, कृषि व उद्यानिकी विभाग। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना, के तहत 189 किमी लंबाई की 41 सडक़ों का निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है।
Updated on:
06 Apr 2026 07:16 pm
Published on:
06 Apr 2026 07:16 pm
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