नेटवर्क नहीं होने से शो-पीस बने मोबाइल दिखाते ग्रामीण
बालाघाट. जिला मुख्यालय से ३० किमी दूर बंजारी से लगे ग्राम पंचायत मोहनपुर, ग्राम पंचायत चालीसबोड़ी, ग्राम पंचायत कावेली, ग्राम पंायत कसंगी के छह हजार से अधिक ग्रामीण नेटवर्क की समस्या से परेशान है। ये सभी ग्राम अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र के हैं। इन गांवों में दो पुलिस चौकी कसंगी व सोनेवानी है। १४ प्राथमिक स्कूल, एक हायर सेकेण्डरी स्कूल, तीन मीडिल स्कूल, एक कन्या छात्रावास मोहनपुर व एक बालक छात्रावास कान्हाटोला स्थिति है। इसके अलावा आंगनबाड़ी, उप स्वास्थ्य केन्द्र, उप डाकघर आदि भी स्थिति है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बीएसएनएल के तीन-तीन टॉवर लगे हैं, लेकिन किसी में नेटवर्क नहीं है। इन गांवों के ग्रामीणों को १०८ एम्बुलेंस व १००-डायल पर कॉल करने के लिए भी पहाड़ी पर जाना पड़ता है। घंटों भटकने के बाद नेटवर्क मिला तो बात बनी नहीं तो मन मसोकर रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि देशभर के लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव है, लेकिन हमलोगों के हाथ में स्मार्ट मोबाइल गांव व घर पर केवल समय देखने के काम आता है। ग्रामीणों ने बताया कि धान का पंजीयन कराने में बहुत परेशानी हुई। ई-केवायसी, फार्मर पंजीकरण आदि का कार्य भी नहीं हो पा रहा है। पहाड़ी-पहाड़ी घूमने पर यदि नेटवर्क आया तो कुछ काम हुआ नहीं तो परेशानी बनी रहती है। सरकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को भी नेटवर्क नहीं होने से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी जरूरी कॉल करने पहाड़ी पर चढऩा पड़ता है। उक्त क्षेत्र डिजिटल इंडिया की हकीकत बयां कर रहा है।
वर्जन - एक नेटवर्क नहीं होने से हमलोग बहुत परेशान है। सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि जल्द ही इसका समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। - बस्तर सिंह पंद्रे, पूर्व सरपंच कसंगी
वर्जन - दो नेटवर्क की समस्या को लेकर हमलोग कलेक्टर से मिल चुके हैं। इसके बावजूद अब तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अब आंदोलन ही एक मात्र रास्ता नजर आ रहा है। - रेखा जीवन सिंह टेकाम, सरपंच कावेली
वर्जन - तीन नेटवर्क नहीं होने से समय पर १०८ एम्बुलेंस नहीं आ पाती है। इसकी वजह से कई बार बीमार व्यक्ति की जान चली जाती है। सड़क या अन्य दुर्घटना व सर्पदंश आदि की घटना के समय बहुत कष्ट होता है। - भागचंद बिसेन, ग्रामीण
वर्जन - चार नेटवर्क नहीं होने से हमलोग बहुत परेशान है। बीएसएनएल ने मोहनपुर सहित तीन स्थानों पर टॉवर लगाया है, लेकिन वह शो-पीस बनकर रह गया है। उसे चालू क्यों नहीं किया जा रहा? मालमू नहीं है। - दुल्लीचंद चौधरी, किराना दुकानदार
वर्जन - पांच हमारे यहां सबसे बड़ी समस्या नेटवर्क की है। गांवों तक सड़क व बिजली पहुंच गई है। नेटवर्क नहीं पहुंचा है। बार-बार ध्यान दिलाने के बाद भी शासन-प्रशासन इस दिशा में उचित कार्रवाई नहीं कर रहा। - मान सिंह टेकाम, ग्रामीण
वर्जन - कलेक्टर। क्षेत्र में बीएसएनएल के टावर लगे हैं, लेकिन कनेक्टविटी में समस्या है। मैंने उन क्षेत्रों में टावर लगवाने के लिए दूसरी कंपनियों को पत्र लिखा है। उनका रिस्पॉस भी आया है। जल्द ही नेटवर्क की समस्या का समाधान हो जाएगा। - मृणाल मीना, कलेक्टर बालाघाट