पड़ोसी जिला दुर्ग के भिलाई में डेंगू ने कहर बरपा दिया है। इससे 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे बालोद जिले में भी दहशत है। अब बालोद में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
पड़ोसी जिला दुर्ग में डेंगू से मौत के बाद बालोद जिला में अलर्ट
बालोद. पड़ोसी जिला दुर्ग के भिलाई में डेंगू ने कहर बरपा दिया है। इससे 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे बालोद जिले में भी दहशत है। अब बालोद में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। इसके लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ व सिविल सर्जन ने जिला अस्पताल में चिकित्सकों व खण्ड चिकित्सकों की बैठक ली।
बैठक में स्वास्थ्य अमले को स्पष्ट निर्देश दिए कि डेंगू को लेकर जिले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। डेंगू के मरीज आए जाए, तो उसका बेहतर इलाज होना चाहिए। दरअसल पडोसी जिला दुर्ग में डेंगू ने कहर बरपाया है और लोगों की मौत भी हो रही है जिसे देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। इसमें किसी तरह की लापरवाही न होने की बात कही है।
बूढ़ापारा और शिकारीपारा पर नजर
जिला अस्पताल में डेंगू के मरीज या फिर संक्रमित मरीजों को रखने के लिए आइसोलोशन वार्ड बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग मलेरिया रोगियों की भी बारीकी से ट्रीटमेंट कर रहे हैं, क्योंकि गंदे जगहों पर सबसे ज्यादा डेंगू का कहर रहता है। जिला अस्पताल के सभी सफाई कर्मचारी व नगर पालिका को भी निर्देशित किया गया है कि जहां ज्यादा गंदगी और पानी जमा है उस जगह की सफाई करें। जिला मुख्यालय के बूढ़ापारा और शिकारीपारा के गंगा सागर तालाब के पीछे कालोनी के बीच गंदगी और पानी भरा रहता है। कहा जाए ऐसी इसकी अनदेखी से कहीं परेशानी पैदा न कर दे।
नगर व गांव में जागरूकता शिविर की शुरूआत
खंड चिकित्सा अधिकारी एस के सोनी ने बताया डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने जिला मुख्यालय सहित गावों में शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं, तो वहीं लोगों के स्वास्थ्य की जांच भी कर रहे हैं। पड़ोसी जिले की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग डेंगू के विषय पर कोई लापरवाही बरतना नहीं चाहता। इसी वजह से यहां डेंगू की रोकथाम के लिए जगरूकताा अभियान चला रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाई स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध होने का दावा कर रहे है।
जिले में अब तक 216 मलेरिया के हैं मरीज
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक कुल 226 मलेरिया के मरीज पाए गए हंै। सबसे ज्यादा मरीज डौण्डी ब्लॉक में हैं, जहां 89 मरीज इलाज करा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक मलेरिया का प्रकोप नमी वाले क्षेत्र में ज्यादा होता है। स्वास्थ्य विभाग भी इन स्थिति-परिस्थिति को देखते हुए अब सभी ब्लॉकों में विशेष अभियान चला रहा है।
कहां कितने मरीज
बालोद 16
डौंडी 89
डौंडीलोहारा 65
गुंडरदेही 12
गुरुर 34
यह बीमारी के लक्षण
ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढऩा।
सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना
ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना।
हल्का-सा दर्द होना
शरीर पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना।
इन बातों का रखें ध्यान
घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें।
गमलों को मिट्टी से भर दें, नालियों को साफ करें।
अगर पानी जमा होने से रोकना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन ऑयल डालें।
रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
शरीर पर नारियल तेल लगाएं, इससे मच्छर नहीं काटते।