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मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत

सड़क पर पड़ी मिट्टी के दबाव से पहले से जल आवर्धन योजना की पाइप धंसक गई। पाइप और मिट्टी की चपेट में आने से कार्य कर रहे तीनों मजदूर दब गए और उनकी मौत हो गई। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों एवं प्रशासन की मदद से रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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बालोद

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Chandra Kishor Deshmukh

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Updated: 12 May 2026, 11:31 PM IST

दल्लीराजहरा नगर के दास पान ठेला चौक के पास बीएसपी की सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में कार्य करने के दौरान बाजू में सड़क के ऊपर रखी मिट्टी का ढेर अचानक धंस गया। इससे दो पुरुष और एक महिला सहित 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

दल्लीराजहरा नगर के दास पान ठेला चौक के पास बीएसपी की सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में कार्य करने के दौरान बाजू में सड़क के ऊपर रखी मिट्टी का ढेर अचानक धंस गया। इससे दो पुरुष और एक महिला सहित 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम 5.30 बजे की आसपास की है।

सुरक्षा को नजर अंदाज किया गया

मिट्टी के ढेर में दबे तीनों के शव को जेसीबी के माध्यम से बाहर निकाला गया। मृतकों में किशुन कुमार, राकेश कुमार एवं बैशाखिन शामिल हैं। तीनो वार्ड-2 पंडरदल्ली निवासी हैं। बिजनु राम नामक ठेकेदार ने कार्य लिया है। इस दौरान सुरक्षा को नजअंदाज किया गया। मजदूर लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में घुसकर बीएससी के पुराने सीवरेज पाइप को बदलकर नई दो पाइप के बीच ज्वाइंट को सीमेंट से भर रहे थे और घटना घट गई।

मजदूरों को बचाने का मौका तक नहीं मिला

जिस जगह घटना घटी, ठीक उसी के बाजू से जल आवर्धन योजना की पाइपलाइन गई है। सड़क पर पड़ी मिट्टी के दबाव से पहले से जल आवर्धन योजना की पाइप धंसक गई। पाइप और मिट्टी की चपेट में आने से कार्य कर रहे तीनों मजदूर दब गए और उनकी मौत हो गई। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों एवं प्रशासन की मदद से रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

क्षेत्र में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा मानकों के इतने गहरे गड्ढे में उतारा गया था। न तो सुरक्षा बेल्ट, न हेलमेट और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के लिए कोई मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। यह हादसा अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

निष्पक्ष जांच की मांग

स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग भी उठ रही है।

बिना सुरक्षा कार्य कराने से मजदूरों की हो रही मौत

भाजपा नेता स्वाधीन जैन ने कहा कि बीएसपी एवं ठेकेदार बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य करा रहे हैं, जिससे लगातार मजदूरों की मौत हो रही है। घटना चाहे माइंस के भीतर हो या बाहर मजदूरों के सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ जा रहा है। पीडि़त के परिजनों को बीएसपी में स्थाई नौकरी देने की मांग प्रबंधन से की है। मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू ने कहा कि बीएसपी लगातार अपने कार्यों में मजदूरों का शोषण कर रहा है। कार्य के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया जाता है। घटना की सूचना मिलते ही कांकेर सांसद भोजनाग मौके पर पहुंचे। राहत कार्य शुरू करने प्रशासन को निर्देश दिए। मौके पर पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर, एसडीम सुरेश कुमार साहू पहुंचे।