अर्जुंदा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरदाकला में बड़े पैमाने पर मुरुम खनन किया जा रहा है। इस मामले में सरपंच का कहना है कि पंचायत से किसी प्रकार का प्रस्ताव नहीं हुआ है। वहीं खनन कर रहे लोग कहते हैं कि पंचायत की अनुमति है। यहां से मुरुम खनन को लेकर ग्रामीणों में भी रोष है।
mud mining अर्जुंदा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरदाकला में बड़े पैमाने पर मुरुम खनन किया जा रहा है। इस मामले में सरपंच का कहना है कि पंचायत से किसी प्रकार का प्रस्ताव नहीं हुआ है। वहीं खनन कर रहे लोग कहते हैं कि पंचायत की अनुमति है। यहां से मुरुम खनन को लेकर ग्रामीणों में भी रोष है।
ग्राम भरदाकला के ठगड़ा बांध से इन दिनों बड़े पैमाने पर मुरुम निकाली जा रही है। बड़े-बड़े हाइवा में लगातार मुरुम खनन के बाद ग्रामीणों का ध्यान इस ओर गया। इसके बाद पंचायत में इसकी पतासाजी की गई। पता चला कि पंचायत से प्रस्ताव नहीं हुआ है और न ही पंचायत के किसी भी पदाधिकारी को पता है। तीन-चार दिनों से धड़ल्ले से खनन कर सैकड़ों हाइवा से मुरुम परिवहन किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात ये है कि पंचायत को पता नहीं है। यह बात लोगों को हजम नहीं हो रही है।
लोगों के मुताबिक मुरुम क्षेत्र में बन रही नहर लाइनिंग के कार्य में खपाई जा रही है। ज्ञात हो कि क्षेत्र में खरखरा मोहंदीपाट परियोजना के अंतर्गत आने वाले कई माइनरों में इन दोनों लाइनिंग का कार्य चल रहा है। इनमें इसी तरह से मुरुम लगाई जा रही है।
ग्राम भरदाकला की सरपंच लक्ष्मीबाई मेरिया ने कहा कि ठगड़ा बांध की खुदाई के लिए पंचायत में किसी भी प्रकार का प्रस्ताव नहीं हुआ है और न ही खुदाई के बारे में जानकारी मिली है।
ग्राम भरदाकला के उपसरपंच मुरारी अवस्थी ने कहा कि मुझे जानकारी मिलने पर सरपंच को पूछने पर सरपंच पति द्वारा खनिज विभाग से परमिशन की बातें कही जा रही है। पंचायत से प्रस्ताव नहीं होने की बात कही है।
कांग्रेस के संयुक्त सचिव क्रांतिभूषण साहू ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को मुरुम की खुदाई के बारे में जानकारी नहीं है यह बड़ा ही दुर्भाग्यजनक है। बिना जानकारी के बांध की खुदाई करें अच्छी बात नहीं है। जब तक पंचायत में प्रस्ताव नहीं होगा तब तक खनिज विभाग खुदाई के लिए आदेश नहीं देता। इससे सिद्ध होता है कि सरपंच की मिलीभगत से ही मुरुम की खुदाई हो रही है।