बालोद

बालोद में हैरान कर देने वाला मामला, 5 साल के बच्चे ने निगल लिया LED लाइट

Child news: बालोद में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 5 साल के बच्चे ने खेलते-खेलते बैटरी वाली LED लाइट निगल ली। धमतरी में एंडोस्कोपी से डॉक्टरों ने लाइट निकाली।
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Aug 31, 2026
Balod NEws
एंडोस्कोपी से डॉक्टरों ने बच्चे के पेट से निकाला LED लाइट (Photo Patrika)

Balod child news: बालोद जिले के गुरुर निवासी 5 वर्षीय बच्चे ने खेलते-खेलते बैटरी से चलने वाली छोटी LED लाइट निगल ली। लाइट बच्चे के पेट में जाकर फंस गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने एंडोस्कोपी के जरिए LED लाइट को बाहर निकालकर बच्चे को गंभीर खतरे से बचा लिया।

खेलते-खेलते निगल ली LED लाइट

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10 बजे 5 वर्षीय गर्वित साहू अपने घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसने खेल-खेल में बैटरी से चलने वाली छोटी LED लाइट मुंह में डाल ली और उसे निगल गया। शुरुआत में परिजनों को इस घटना की जानकारी नहीं हो सकी। कुछ समय बाद जब बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग घबरा गए। उन्होंने बच्चे को तत्काल बालोद के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। निजी अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को आगे के उपचार के लिए धमतरी रेफर कर दिया।

जांच में पेट में फंसी मिली LED लाइट

परिजन बच्चे को लेकर धमतरी अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल बच्चे की जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि बैटरी वाली छोटी LED लाइट बच्चे के पेट में फंसी हुई है। वस्तु के शरीर के अंदर होने और बैटरी के कारण संभावित खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए इसे निकालने का फैसला किया। डॉक्टरों ने एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिए LED लाइट निकालने की तैयारी की।

बिना बड़े ऑपरेशन के निकाली वस्तु

डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक एंडोस्कोपी की मदद से बच्चे के पेट में फंसी LED लाइट को बाहर निकाल लिया। इस प्रक्रिया में बड़े ऑपरेशन या चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। समय पर अस्पताल पहुंचने और तत्काल उपचार मिलने से बच्चे को गंभीर नुकसान से बचा लिया गया। प्रक्रिया सफल होने के बाद गर्वित की हालत सामान्य बताई गई। उपचार के बाद बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया।

बैटरी लंबे समय तक फंसी रहती तो बढ़ सकता था खतरा

डॉक्टरों के मुताबिक, बैटरी जैसी वस्तु का शरीर के अंदर लंबे समय तक फंसा रहना बेहद खतरनाक हो सकता है। बैटरी से रसायन लीक होने की स्थिति में शरीर के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे पेट और आंतों में जलन, घाव और अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। कुछ परिस्थितियों में ऐसी वस्तुओं के कारण जान का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए यदि बच्चा बैटरी या कोई अन्य छोटी वस्तु निगल ले तो इसे सामान्य मानकर इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। गर्वित के मामले में परिजनों ने उसकी हालत बिगड़ने के बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जिसके चलते डॉक्टर समय रहते आवश्यक प्रक्रिया कर सके।

Updated on:
31 Aug 2026 07:50 pm
Published on:
31 Aug 2026 07:48 pm