आखिर एक मां इतनी निर्दयी कैसे हो गई, जिसने अपनी ही 9 साल की मासूम बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर खुद अपने कमरे में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना को देख व सुनकर ही परिजनों, वार्डवासियों व गांव वालों की आंखें नम हो गई। इस परिवार में दिवाली की खुशी मातम में बदल गई।
Crime News : बालोद जिले में दिवाली के ठीक दो दिन पहले शहर के शिकारीपारा में धनतेरस के दिन ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां पहले तो एक मां ने अपनी ही 9 साल की मामूम बच्ची का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। फिर खुद अपने कमरे में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से शहरवासी स्तबद्ध हैं।
लोगों की जुबान पर बस यही शब्द है कि आखिर एक मां इतनी निर्दयी कैसे हो गई, जिसने अपनी ही मासूम बच्ची की हत्या कर दी। इस घटना को देख व सुनकर ही परिजनों, वार्डवासियों व गांव वालों की आंखें नम हो गई। इस परिवार में दिवाली की खुशी मातम में बदल गई। घटना की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई। मां व उसकी बेटी के शव का पोस्टमार्टम कर उनके ससुराल ग्राम सांकरी ले जाया गया, जहां मां बेटी की एक साथ अर्थी निकाली गई और गांव के मुक्तिधाम में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतका उम्र 37 साल के पति की लगभग दो साल पहले ही कुसुमकसा के पास हुई सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से वह काफी चिंतित रहती थी। वहीं बीते एक साल से उसकी दिमागी हालत बिगडऩे लगी थी। ऐसा माना जा रहा है कि इसी के चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच के बाद ही मामले का असली कारण पता चल पाएगा। फिलहाल इस घटना के बाद परिजनों और आसपास शोक का माहौल है।
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मृतका अपने मायके बालोद शिकारीपारा में रह रही थी। वहीं दोनों की मौत के बाद शव को मृतका के ससुराल ले जाया गया, जहां गांव में एक साथ मां बेटी की अर्थी निकाली। इस दृश्य को देख पूरा गांव रो पड़ा और गांव के मुक्तिधाम में एक साथ मां बेटी का अंतिम संस्कार किया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक मृतका के घर में लगभग 8 लोग रहते हैं। शुक्रवार की रात घर में खाना खाने के बाद कुछ लोग गौरी-गौरा स्थल पर आयोजन देखने गए हुए थे। वहीं मां व उसकी बेटी और उसका भाई घर पर अपनी मां के कमरे में सो रहे थे। रात 12 बजे करीब बेटे को बाथरूम लगी तो वह उठकर चला गया। जैसे ही वह कमरे से बाहर गया तो उसकी मां ने दरवाजा अंदर से लगा दिया और बेटा अपने मामा के पास सोने के लिए चला गया। रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के करीब ही आरोपी मां ने पहले अपनी बेटी का गला दबाया और फिर खुद फांसी पर झूलकर आत्महत्या कर ली। पूरे मामले से सनसनी फैल गई है।
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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृतका के घर का पड़ोसी अपने घर की पोताई कर रहा था। तभी खिड़की से देखा कि महिला फांसी पर लटकी हुई है। फिर इसकी सूचना घर वालों को दी। जिस समय सूचना दी गई तब यह पता नहीं था कि बच्ची की भी मौत हो गई है। जैसे ही दरवाजा तोड़ा गया तब देखा कि 9 साल की मासूम भी जमीन पर मृत हालत में पड़ी मिली। पुलिस इस पूरे मामले की बारीकी से जांच में जुट गई है।
बालोद एसडीओपी देवांश राठौर ने बताया कि शिकारीपारा में महिला ने फांसी लगा ली और बच्ची के हत्या होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि महिला ने अपनी बेटी की हत्या कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है।