रेलवे क्षेत्र में बनाए गए अंडरब्रिजों में भरे पानी को निकालने के इंजीनियरों की तकनीक के फेल हो जाने के बाद रेलवे विभाग पाताल सोखता निर्माण करने पर राजी हो गया है।
बालोद. जिले के रेलवे क्षेत्र में बनाए गए अंडरब्रिजों में भरे पानी को निकालने के इंजीनियरों की तकनीक के फेल हो जाने के बाद रेलवे विभाग पाताल सोखता निर्माण करने पर राजी हो गया है। इसके लिए ग्रामीण के निरीक्षण के बाद अंतिम निर्णय के लिए अधिकारी सोमवार को अंतिम चर्चा करेंगे।
बता दें कि रेलवे विभाग ने ग्रामीण की तकनीक पर भरोसा करने निर्णय लिया है। इसके तहत ग्रामीण के तकनीक से पाताल सोखता का निर्माण कराकर अंडरब्रिज को व्यवस्थित करने पर हामी भर दिया है, इसके अंतिम निर्णय के लिए चार दिन बाद ग्राम अश्वंत को बुलाया है। क्योंकि पाताल सोखता निर्माण करने वाले ने स्पष्ट दावा किया है कि वह परेशानी दूर कर देगा, इसके लिए पाताल सोखता का निर्माण करेगा।
हालांकि रेलवे विभाग ने पाताल सोखता निर्माण को हरी झंडी दे दी है, पर सोमवार को और रेलवे अधिकारी चर्चा करेेंगे। क्योंकि अधिकारी अभी छुट्टी पर चले गए हैं। आने के बाद उच्च अधिकारी से चर्चा करेंगे।
3 मीटर की दूरी पर बनाएंगे सोखता
रेलवे अधिकारी के कहने पर पाताल सोखता निर्माण करने वाले ग्रामीण नेवारीकला के असवंत लोहार ने जगह देखी है। अब विभाग के अधिकारी से अंतिम अनुमति लेनी बाकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे अधिकारी एक बार अपने उच्च अधिकारी से चर्चा करेंगे। हालांकि उच्च अधिकारी भी पाताल सोखता निर्माण पर राजी तो हो गया है। मामले में रेलवे की यह भी शर्त है कि अगर पाताल सोखता का निर्माण सफल होता है तो उसे और जगह इसका निर्माण करने की अनुमति देगा, पर पहले खुद के खर्चे से इसका निर्माण करना होगा।
एक बार और चर्चा के बाद देंगे अनुमति
मामले में रेलवे विभाग के इंजीनियर नायक ने बताया वह सोमवार को एक बार और पाताल सोखता निर्माण करने वाले ग्रामीण से मिलेंगे, फिर उनसे मिलकर आगे का निर्णय करेंगे। उसके बाद निर्माण पर अंतिम अनुमति देंगे।