CG Fraud: साइबर सेल बालोद की संयुक्त टीम आरोपी को पकड़ने कानपुर गई थी। वहां लोकल स्तर पर ग्रामीण वेशभूषा में कैंप कर आरोपी के संबंध में जानकारी प्राप्त की। तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आरोपी को चिन्हांकित किया।
CG Fraud: म्युल अकाउंट धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने एक और आरोपी पंकज कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार थाना देवरी और साइबर सेल बालोद की संयुक्त टीम आरोपी को पकड़ने कानपुर गई थी। वहां लोकल स्तर पर ग्रामीण वेशभूषा में कैंप कर आरोपी के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आरोपी को चिन्हांकित किया। फिर लोकल पुलिस की मदद से रेड की। आरोपी पंकज कुमार सिंह पिता रवींद्र सिंह (27) निवासी एलआईजी 97 प्लाट, जरौली फेस-2 बर्रा-8 कानपुर नगर थाना गुजैनी पुलिस चौकी जरौली कानपुर को गिरफ्तार कर बालोद लाया गया।
थाने में लिखाई थी रिपोर्ट
पुलिस के मुताबिक खिलेश देवांगन पिता शेखर देवांगन निवासी पिनकापार ने देवरी थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि संदेही कमलेश रावटे ने अवैध रूप से उनके खाते से 2 से 5 अप्रैल तक अपने गांव के ग्राहक सेवा केंद्र से कुल 77200 रुपए निकाल लिया। इसके अलावा किशन यादव के खाते से एक लाख 74 हजार 900 रुपए और छत्रपाल के खाते से भी 42 हजार रुपए ट्रांजेक्शन कर नगदी प्राप्त किया है। पुलिस के अनुसार संदेही कमलेश रावटे का बैंक खाता का उपयोग यूल अकाउंट के रूप से होने से होल्ड हो गया था। इसके बाद उसने तीनों के बैंक खाते से नगदी रकम प्राप्त किया।
देवरी पुलिस ने संदेही कमलेश रावटे पिता रामचरण रावटे ग्राम परना डोंगरगांव के खिलाफ धारा 317(2), 317(4), 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद कमलेश रावटे को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह उत्तरप्रदेश निवासी पंकज सिंह के कहने पर साइबर फ्रॉड में उपयोग करने कुछ बैंक खाता कमीनशन पर उपलब्ध कराता था।
फ्रॉड रकम को च्वाइस सेंटर और गांव के कुछ लोगों के बैंक खाते का उपयोग कर नगदी प्राप्त करता था। कमीशन काटकर बाकी राशि पंकज सिंह के बताए बैंक खाते में डाल देता था। आरोपी की गिरतार में देवरी थाना प्रभारी दिनेश कुर्रे, सहायक उपनिरीक्षक भरत कुमार यादव,