
बालोद जिले में असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना अंतर्गत 50 शिशुवती महिलाओं को तीन साल से 20 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। अब ये हितग्राही श्रम विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। श्रम विभाग ने इनकी सूची श्रम मंत्रालय को भेजी है, लेकिन आज तक खाते में राशि नहीं आई है। इस तरह कुल 10 लाख रुपए का भुगतान रुका है। इधर अपर श्रम आयुक्त छत्तीसगढ़ एसएल जांगड़े ने कहा कि मामले की पूरी जानकारी लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
श्रम विभाग के मुताबिक एक मई 2023 को श्रम दिवस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना के तहत हितग्राहियों के खाते में सामूहिक रूप से राशि डाली थी, तब जिले के 716 हितग्राही भी शामिल थे। इनमें से 50 हितग्राहियों के खाते में राशि नहीं आई।
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कई हितग्राही हर माह श्रम विभाग बालोद पहुंच रहे हैं। राशि नहीं आने की वजह भी पूछते हैं। इसका जवाब विभाग के पास नहीं रहता। कर्मचारियों का बस यही जवाब रहता है कि शासन को मांग पत्र भेजा है। शासन स्तर पर ही भुगतान किया जाएगा।
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ग्राम मटिया निवासी दामिनी ने बताया कि शासन की महतारी जतन योजना के तहत आवेदन दिया था। एक मई 2023 को राशि खाते में आनी थी, लेकिन कई महिलाओं के खाते में राशि आई, लेकिन मेरे खाते में नहीं आई। खाता नंबर सही है और पूरे दस्तावेज भी हैं। जब शासन की योजना के तहत राशि दी जा रही है तो हमारे खाते में भी राशि डालनी चाहिए, हम भी पात्र है।
अपर श्रम आयुक्त छत्तीसगढ़ एसएल जांगड़े ने कहा कि लगभग सभी हितग्राहियों के खाते में राशि डाली जा चुकी है। बालोद जिले में 50 हितग्राहियों के खाते में महतारी जतन योजना के तहत राशि नहीं आई हैं। इस मामले की पूरी जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Updated on:
12 Mar 2026, 12:03 AM IST
Published on:
12 Mar 2026, 12:01 AM IST
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