
बालोद जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। इसके बाद जिला न्यायालय प्रबंधन के आदेशानुसार न्यायालय परिसर व न्यायालय से लगे तहसील, एसडीएम कार्यालय व सुखाश्रय को खाली कराया गया। जिला न्यायालय में कार्यरत सभी अधिवक्ताओं व कर्मचारियों और न्यायाधीशों को भी सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। पुलिस विभाग ने जिला न्यायालय के एक-एक कमरे की जांच की गई। बम रोधक यंत्रों से हर जगह छानबीन की, तब पता चला कि जिला न्यायालय में कोई बम नहीं है। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। दोपहर तीन बजे जिला न्यायालय में सभी कर्मियों को प्रवेश दिया गया और कामकाज शुरू हुआ।
ई-मेल में सौरभ विश्वास नाम के व्यक्ति ने भेजा था, जिसमें लिखा था कि बालोद जिला न्यायालय को बम से उड़ाया जाएगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने बताया कि इसके बाद पुलिस विभाग अलर्ट हुआ और उच्च अधिकारी को जानकारी देकर मामले की सुबह 11 बजे जांच शुरू की गई। जिला न्यायालय के सारे कक्ष व पूरे परिसर की जांच के बाद कोई बम नहीं मिला। जिस मेल आईडी से यह मेल आया है, उसकी जांच की जा रही है। चार घंटे की जांच के बाद स्थिति सामान्य पाई गई। सभी अधिवक्ता, कर्मचारी, न्यायाधीश अपने-अपने काम में जुट गए।
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इस घटना ने पुलिस की तैयारियों की भी परीक्षा ली। जानकारी के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और न्यायालय परिसर से 100 मीटर क्षेत्र को बैरिकेड से घेर दिया। किसी को भी आने जाने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस थोड़ी सुस्त भी नजर आई। जैसे तत्काल बमरोधक जैकेट पहनने में देरी, जिला न्यायालय में बम की जानकारी फिर भी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रोक लगाने में असमर्थ रही। बाकी सुरक्षा की तैयारी तगड़ी रही।
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इस घटना से नगरवासी दहशत में रहे, वहीं पड़ोसी जिला दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव तक हड़कंप मचा रहा। सुबह 11 बजे से लेकर शाम तक इसकी चर्चा चलती रही। इधर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल भेजने वाले सौरभ विश्वास के बारे में पुलिस जानकारी जुटाने में जुट गई है। धमकी का उद्देश्य पता लगाया जा रहा है।
जिला न्यायालय में लगभग 250 अधिवक्ता, अन्य अधिकारी व कर्मचारी हैं। इस घटना से सैकड़ों काम प्रभावित हुए है। यहां प्रतिदिन 500-700 लोग आते हैं, लेकिन इस घटना से काम प्रभावित हुआ। कई लोग वापस चले गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद मोनिका ठाकुर ने बताया कि जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जिला न्यायालय के मेल में आया था। इसकी जानकारी के बाद तत्काल जांच की गई। कड़ाई से जांच करने पर जिला न्यायालय परिसर में कुछ नहीं मिला। घबराने की जरूरत नहीं है। जिसने धमकी भरा ई-मेल भेजा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
जिला अध्यक्ष अधिवक्ता संघ बालोद सुनील सोनी ने कहा कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले भी बिलासपुर, राजनांदगांव के न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ऐसी अफवाह नहीं फैलानी चाहिए। यह एक गंभीर घटना है। विभागीय कार्य प्रभावित होता है। अच्छी बात यह है, यह सिर्फ अफवाह हैं।
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Published on:
09 Mar 2026 11:33 pm
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