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महिलाओं ने संभाल रखी है शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी

बालोद

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Chandra Kishor Deshmukh

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Updated: 7 Mar 2026, 11:53 PM IST

जगन्नाथपुर सांकरा बालोद जिले का पहला गांव है जहां पूरे ग्राम विकास समिति की जिम्मेदारी अध्यक्ष से लेकर सदस्य महिलाओं को ही सौंपी गई है। गांव में विकास के मापदंड, उसके नियम बनाने और कैसे शांति लाई जाए यह महिलाएं ही करती हैं।

बालोद विकासखंड के ग्राम जगन्नाथपुर की महिलाएं व यहां की महिला संगठन महिला शसक्तिकरण की एक मिशाल है। जगन्नाथपुर सांकरा बालोद जिले का पहला गांव है जहां पूरे ग्राम विकास समिति की जिम्मेदारी अध्यक्ष से लेकर सदस्य महिलाओं को ही सौपी गई है। गांव में विकास के मापदंड, उसके नियम बनाने और कैसे शांति लाई जाए यह महिलाएं ही करती हैं। यह बालोद जिले का एक मात्र गांव है जहां इस तरह का नियम व ग्रामीणों के हाथों गांव की जिम्मेदारी है। सबसे बड़ी बात यह है जबसे इन महिलाओं ने गांव में ग्राम विकास समिति की जिम्मेदारी संभाली है तबसे इस गांव में आपराधिक गतिविधियों में कमी आई है।

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अब आदर्श गांव की ओर बढ़ रहा कदम

दरअसल ग्राम जगन्नाथपुर में असामाजिक तत्वों की निगरानी, शराबखोरी और हुल्लड़बाजी की घटनाएं आम बात हो गई थीं और आए दिन इस गांव से शराब खोरी, मारपीट, सहित कई अन्य अपराध आम बात हो गई थी। आपराधिक गतिविधियों के कारण गांव की पहचान थ्ीा। लेकिन यहां की महिलाओं की एकजुटता के आगे तो शराबियों की एक नहीं चली और अब तो इस गांव की महिलाओं से शराबियों में खौफ रहता है। और अब तो गांव में शराबियों व हुल्लड़बाजों पर नियंत्रण के लिए अब ग्राम विकास समिति की कमान यहां की महिलाएं संभाल रही है।

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नियम कड़े इसलिए खौफ

गांव में शराब बेचते, शराब खरीदते व शराब पीकर हुल्लड़ करने पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड निर्धारित किया गया है। ग्रामीण अध्यक्ष कोमीन साहू सहित महिलाओं ने गांव में फरमान जारी करते हुए ग्रामीणों व ग्राम विकास समितियों ने मिलकर नियम बनाया है कि अगर गांव में कोई शराब बेचते व शराब पीकर हुल्लड़ करते पाया गया तो 25 हजार रुपए नगद दंड लिया जाएगा। यह नियम अब गांव में सुख -शांति लाने के लिए एक अहम कड़ी बना हुआ है, क्योंकि इस नियम के बाद से गांव में इस तरह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं।