बालोद। Pandit Pradeep Mishra Said In Mahapuraan : ग्राम जुंगेरा में आयोजित श्री मणिलिंग शिव महापुराण की कथा के चौथे दिन भी शिव भक्तों का सैलाब देखने को मिला।
बालोद। Pandit Pradeep Mishra Said In Mahapuraan : ग्राम जुंगेरा में आयोजित श्री मणिलिंग शिव महापुराण की कथा के चौथे दिन भी शिव भक्तों का सैलाब देखने को मिला। शिव महापुराण कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण कोई कथा नहीं बल्कि स्वयं भगवान शंकर है। आज समाज को बरगलाया जा रहा है। लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। हमारे देश में साल के 365 दिन हैं। पूरे 451 पर्व हैं, 5550 नदियां और बारह ज्योर्तिलिंग हैं।
भगवान शंकर को समझने वाला समझेगा शिव महापुराणकोई व्यक्ति अपने धर्म को छोड़कर दूसरा धर्म अपनाता है तो वह लानत है। कई ऐसे लोग हैं, जो देवी-देवताओं के खिलाफ फेसबुक व सोशल मीडिया में लिखते हैं। लेकिन शिव महापुराण क्या है, ये हर कोई नहीं समझेगा, जो भगवान शंकर को समझता है, वही समझेगा। अब शिव युग आ गया है। गांव शहर विश्वभर में रोज शिव की पूजा हो रही है। सावन का अंतिम सोमवार है और शुभ दिन है। आज भी लाखों की संख्या में शिव भक्त कथा सुनने आए है।
हम अपने ईष्ट देव को न भूलें
देश के आदिवासी समाज के लोगों को बरगला रहे हैं कि बूढ़ा देव की पूजा न करें। बूढ़ा देव स्वयं शंकर हैं। हम अपने ईष्ट देव को कभी न भूलें।
हम बदलेंगे युग बदलेगा, हम सुधरेंगे युग सुधरेगा
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि हम दुनिया को बदलने से पहले हमें खुद को बदलना होगा। हम बदलेंगे युग बदलेगा, हम सुधरेंगे युग सुधरेगा।
धन का उपयोग अच्छे काम, परिवार को खुश रखने में करो
उन्होंने कहा कि आज लोग इतनी मेहनत से धन कमाते हैं। कई ऐसे लोग हैं, जो धन कमाते हैं, लेकिन उसका दुरुपयोग और मदिरापान करते हैं। ऐसा करने से भगवान भी देखता है, धन का उपयोग किस तरह कर रहा है, जो धन का सही उपयोग करता है, उसके पास धन की कमी नहीं होती, उनका परिवार खुश रहता है।
जो रक्षा करता है उसे राखी बांधो
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि रक्षाबंधन आने वाला है। केवल भाई के हाथ में राखी नहीं बांधी जाती बल्कि राखी जो रक्षा करता है, चाहे मां हो, पिता हो, भाई हो, पेड़ हो, भगवान हो, सभी को राखी बांधो। रक्षाबंधन यानी जो रक्षा करने वाला।
शिव भक्ति का प्रमाण, जो मांगा वो मिला
उन्होंने एक पत्र निकाला व पढ़ा, उसमें लिखा था प्रशांत यादव निवासी जिला बिलासपुर 9 महीने से शिवलिंग पर जल चढ़ा रहे थे। बालोद न्यायालय में निकली भर्ती में फॉर्म भरा था। इंटरव्यू के दिन भी उनकी मां ने शिव आराधना की और बेल पत्र चढ़ाया। बालोद न्यायालय में नौकरी लगी। उन्होंने लिखा कि मुझे पता नहीं था और मेरी ड्यूटी शिव महापुराण में लगा दी। आज शिव महापुराण में सेवा कर रहा हूं।
शिव भक्ति से 3 दिन में ठीक हो गई आंख
वर्षा साहू तेलीनसत्ती धमतरी ने पत्र लिखकर बताया कि बच्ची की दोनों आंखें खराब हो गई थी। आंखें तिरछी हो गई थी। डॉक्टर ने कहा कि पैरालेसिस है ठीक नहीं होगा। इसके बाद शिव महापुराण की कथा सुनी व शिवलिंग पर जल चढ़ाया। कुछ दिन में ही बच्ची की दोनों आंखें ठीक हो गई। परिजन बच्ची को कथा स्थल पर भी लाए थे।
अब भगवान शंकर की रोज होती है पूजा
पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि एक समय था, जब भगवान शंकर के शिवलिंग व मंदिर कभी-कभी खुलते थे। सिर्फ शिवरात्रि व सावन के सोमवार को ही मंदिर खुलता था। अब हर गांव शहर विश्वभर में रोजाना भगवान शंकर की पूजा हो रही है। छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग सभी भगवान शंकर को जल चढ़ा रहे हैं, यह शिव युग है।