बालोद जिला मुख्यालय के जिला जेल में आबकारी एक्ट के मामले में बंदी फरदफोड़ निवासी 34 वर्षीय लुकेश कुमार सिन्हा की अचानक तबीयत बिगड़ गई और इलाज के लिए जिला अस्पताल में पहुंचाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
Illegal liquor बालोद जिला मुख्यालय के जिला जेल में आबकारी एक्ट के मामले में बंदी फरदफोड़ निवासी 34 वर्षीय लुकेश कुमार सिन्हा की अचानक तबीयत बिगड़ गई और इलाज के लिए जिला अस्पताल में पहुंचाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आबकारी पुलिस पर मारपीट कर गांव से जेल तक लाने का आरोप लगाया है। आबकारी विभाग ने इन आरोपों को गलत बताया है।
जिला जेल अधिक्षक शोभा रानी ने कहा कि 26 मई की रात बंदी लुकेश की तबीयत बिगड़ी, जिसका इलाज कराया गया। 28 मई की रात में दोबारा तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। मौत किस कारण हुई है। इसकी कोई जानकारी नहीं है। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।
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परिजनों के मारपीट आरोप के बाद जिला जेल अधीक्षक ने न्यायिक जांच करने मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा था। इसके न्यायिक जांच की गई। मृतक लुकेश के पिता भरत लाल सिन्हा ने कहा कि पोस्ट मार्टम में कुछ जगहों पर चोट के निशान भी पाए गए हैं। मामले की सही जांच की जाए।
आबकारी विभाग के प्रभारी अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया मुखबिर से सूचना मिली थी कि फरदफोड़ में शराब बिक रही है। टीम ने लुकेश के पास 5 लीटर से अधिक कच्ची शराब बरामद की। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। किसी भी प्रकार की कोई मारपीट नही की गई।
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जेल अधीक्षक शोभा रानी ने बताया कि 25 मई को उसे जेल दाखिल किया गया। रविवार को तबीयत ठीक नहीं थी तो इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद सोमवार को ठीक था। मंगलवार को फिर तबीयत बिगड़ी व इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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