बलोदा बाज़ार

Baloda Bazar incident: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 2 किसानों की मौत, सुबह खेत में मिली लाश…मातम

Baloda Bazar incident: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 2 किसानों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि, रविवार को दोनों खेत गए थे।

2 min read
Baloda Bazar incident

Baloda Bazar incident:छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 2 किसानों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि, रविवार को दोनों खेत गए थे। शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन अंधेरा होने से उनका पता नहीं चला। सोमवार खेत में सुबह लाश मिली है। घटना पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम कोसमंदी खार की है।

मिली जानकारी के अनुसार, दोनों किसान पलारी थाना के अंतर्गत गातापार गांव के रहने वाले थे। बताते हैं कि गातापार निवासी किसान भोला वर्मा (40) नंदकुमार (46) रविवार को ग्राम कोसमंदी स्थित खेत में जाली और घेरा लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। दोनों पेड़ के नीचे बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे। तभी उन पर आकाशीय बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

Baloda Bazar incident: सुबह खेत में मिली दोनों की लाश

जब देर शाम तक घर नहीं लौटे, तो परिजन ढूंढने निकले। लेकिन रात होने से खेत के अंदर नहीं जा पाए। दूर से ही आवाज लगाकर पता लगाने की कोशिश की। जब कहीं से कोई जवाब नहीं मिला तो वापस परिवार के लोग घर लौट गए। सुबह वापस खेत जाकर देखा, तो पेड़ के नीचे दोंनों की लाश पड़ी थी। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना थाने में दी। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

Published on:
25 Jun 2024 08:35 am
Also Read
View All
Suspicious Deaths: छत्तीसगढ़ में 8 मौतों का मामला गरमाया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर, 6 शव को देर रात दफनाया

छत्तीसगढ़ में महिला कमांडो दल ने संभाली जंगल की कमान! वन संरक्षण में रचा नया इतिहास, अब पर्यटन को मिलेंगे नए पंख

बीमारी या साजिश? 6 कब्रें और खुलीं, अब फॉरेंसिक रिपोर्ट बताएगी कसडोल में हुए मौतों का सच, आखिर कौन है इसके पीछे?

छत्तीसगढ़ के कसडोल में सिलसिलेवार हुई 8 मौतें बलि तो नहीं? कब्र से निकाली लाश, अब सच से उठेगा पर्दा

Treasury System Change: अब बलौदाबाजार के चक्कर लगाएंगे स्टांप वेंडर, भाटापारा ट्रेजरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव, बढ़ेंगी मुश्किलें