बलोदा बाज़ार

किन्नर हत्याकांड का खुलासा… साथी ने कराई काजल की हत्या, जानकर उड़ जाएंगे होश

Chhattisgarh Kinnar Murder: पत्थर खदान के तालाब में मिले शव का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने शुरुआती जांच में ही मौत को असामान्य माना था। इसे लेकर जब पुलिस ने जांच की तो बड़ा सच सामने आया।
3 min read
CG Kinnar Murder Case

CG Kinnar Murder Case: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में ढाबाडीह गांव के बंद पडे़ पत्थर खदान में महिला की लाश मिली थी। शव के पास से डेढ़ लाख रुपए बरामद किया गया था। जांच में पता चला कि लाश महिला की नहीं बल्कि किन्नर की थी। हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक हत्याकांड में बजरंग दल के कार्यकर्ता हिमांशु बंजारे भी शामिल है। हत्या में जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था उसमें हिमांशु भाई बजरंग दल लिखा हुआ है। मामले में पुलिस ने साथी किन्नर तपस्या उर्फ मो. इमरान भोईर (36) और निशा श्रीवास (51) के साथ 3 सुपारी किलर हिमांशु बंजारे (28), कुलदीप कुरील (29) और अंकुश चौधरी (28) को भी गिरफ्तार किया है।

प्लानिंग 3 माह पुरानी पहला किलर जेल गया

तपस्या ने काजल को अपने रास्ते से हटाने के लिए तीन माह पहले ही तैयारी कर ली थी। उसने निशा को गणेश पक्ष के आसपास सुपारी किलिंग के लिए 12 लाख दे दिए थे। निशा ने पहले जिसे हत्या के लिए 6 लाख रुपए दिए थे, उसे दूसरे मामले में जेल हो गई। इसके बाद निशा ने अपने ड्राइवर हिमांशु और उसके साथियों को इस योजना में शामिल किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने हत्या के लिए खदान का चयन किया क्योंकि दिन ढलने के बाद इलाका सूनसान हो जाता है। हत्या से 2 दिन पहले वे खदान वाला इलाका देखने भी आए थे।

CG Kinnar Murder Case: घूमकर आने के ही डेढ़ लाख मिलेंगे… इस लालच में ले गए

काजल को रास्ते से हटाने तपस्या ने बड़े ही शातिर तरीके से जाल बुना था। रविवार को वह उसके पास पहुंची कहने लगी कि मुझे एक व्यक्ति से 3 लाख रुपए लेने हैं। पैसे मिल गए, तो आधे तुम रख लेना। उन्हें पता था कि सिर्फ घूमकर आने के डेढ़ लाख मिलने की बात पर काजल मना नहीं करेगी। हुआ भी ऐसा ही, शाम 5 बजे काजल उनके साथ निकल पड़ी। तय प्लान के मुताबिक सुपारी किलर अंकुश और कुलदीप उनके पीछे आ रहे थे। अमेरा के पास कुलदीप ने गाड़ी रूकवाई। एक बैग दिया, जिसमें 3 लाख थे। काजल ने अपने डेढ़ लाख का यहीं बंटवारा कर लिया और उसे अपने कपड़े के अंदर सुरक्षित रख लिया।

सुपारी किलर्स के आते ही अकेला छोड़कर भाग गए

पैसे लेने के बाद तपस्या, निशा और हिमांशु ने काजल को खदान की ओर घूमने जाने के लिए कहा। कार ढाबाडीह में बंद पड़े खदान के पास आकर रूकी। गाड़ी से उतरकर सब खदान के पास बैठे थे। इस वक्त तक काफी अंधेरा हो चुका था। तभी कुलदीप और अंकुश फिर से बाइक लेकर खदान की ओर आए। इन्हें देखकर तपस्या, निशा और हिमांशु काजल को वहीं छोड़कर भाग गए। दोनों सुपारी किलर्स ने काजल की धारदार चाकू से हत्या कर लाश खदान में फेंक दी। उन्हें तब पता नहीं था कि डेढ़ लाख काजल के पास ही हैं।

पत्थर खदान को देखने भी आई

इसी बीच वारदात के 2 दिन पहले आरोप निशा श्रीवास अपने ड्राइवर हिमांशु बंजारे के साथ घटनास्थल ग्राम ढाबाडीह के पास पत्थर खदान को देखने भी आई। इसके बाद प्लानिंग के तहत काजल को मौत के घाट उतारा गया।

Updated on:
21 Nov 2024 01:45 pm
Published on:
21 Nov 2024 01:45 pm