
CG Accident: रविवार रात लगभग 7.30 बजे सिमगा में एक दर्दनाक सडक़ दुर्घटना में तीन युवकों की मौत हो गई। मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक बिलासपुर की ओर से सिमगा आ रहे थे, कि गजराज ढाबा के पास खड़े ट्रक से जा टकराए।
बताया जाता है कि ट्रक क्रमांक सीजी 07 जी एच 3103 बिना किसी संकेत के अंधेरे में खड़ा था। मोटरसाइकिल सवार तीनों युवक उस ट्रक के पीछे जा घुसे। इस दुर्घटना में तीनों युवकों के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मोटरसाइकिल के पंजीकरण नंबर से यह जानकारी मिली कि मृतक युवक बेमेतरा जिले के ग्राम किरितपुर के निवासी थे।
यह घटना रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ती सडक़ दुर्घटनाओं का एक और उदाहरण है। इस मार्ग पर स्थित होटल और ढाबों के पास खड़ी ट्रकों की वजह से आए दिन सडक़ हादसे हो रहे हैं। इन ट्रकों के खड़े होने से सडक़ पर अंधेरे में गाडिय़ां और मोटरसाइकिल सवार असावधानी से टकरा जाते हैं, जिससे कई बार जान-माल का नुकसान हो जाता है।
यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और शासन की ओर से इस मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और आम जनता ने शासन से सडक़ सुरक्षा उपायों को सख्त करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
सिमगा क्षेत्र से होकर गुजरने वाला रायपुर–बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इस हाईवे पर तेज रफ्तार और ट्रैफिक दबाव के कारण सड़क हादसों की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर स्थित ढाबों और होटलों के सामने भारी वाहनों, खासकर ट्रकों को बिना संकेतक (इंडिकेटर/रिफ्लेक्टर) के खड़ा कर दिया जाता है, जिससे रात के समय दृश्यता कम होने पर दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई बार इन वाहनों पर पर्याप्त लाइट या चेतावनी संकेत नहीं होने के कारण पीछे से आ रहे वाहन चालक समय पर स्थिति को समझ नहीं पाते।
सड़क सुरक्षा नियमों के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस तरह से वाहन खड़ा करना प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। पूर्व में भी इस मार्ग पर इसी तरह के कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।