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Chhattisgarh News: वर्षों की सेवा के बाद टीईटी क्यों? शिक्षकों ने रैली निकालकर उठाई सेवा सुरक्षा की मांग, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

Teachers Protest: बलौदाबाजार में टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। शिक्षक साझा मंच के नेतृत्व में शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और वेतन विसंगति सहित विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
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Chhattisgarh News

तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

TET Exam: टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध और अन्य मांगों को लेकर शिक्षक साझा मंच के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में ब्लॉक स्तरीय रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं दशहरा मैदान में एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में शिक्षक संगठनों ने छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों को विशेष टीईटी की अनिवार्यता से सेवा सुरक्षा प्रदान करने तथा वरिष्ठता के आधार पर पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग की। उन्होंने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, असम सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर इस संबंध में निर्णय लेने की मांग उठाई।

शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, पूर्व सेवा अवधि की गणना करने तथा सेवा अवधि जोड़कर क्रमोन्नति, समस्त सेवा लाभ और पेंशन सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करने की भी मांग की। शिक्षक साझा मंच ने शासन से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

Chhattisgarh News: देशभर में टीईटी अनिवार्यता का विरोध

शिक्षकों ने बताया कि पदोन्नति और सेवा निरंतरता के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता लागू किए जाने के खिलाफ देशभर में शिक्षक और विभिन्न संगठन आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों पर बाद में टीईटी उत्तीर्ण करने की शर्त लागू करना व्यावहारिक नहीं है।

शिक्षकों का तर्क है कि उनकी नियुक्ति के समय टीईटी अनिवार्य नहीं थी। अब लंबे समय बाद परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त से कई वरिष्ठ शिक्षक पदोन्नति के अवसरों से वंचित हो सकते हैं। विभिन्न राज्यों में इस नियम के कारण सेवारत शिक्षकों के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

शिक्षक हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

ब्लॉक अध्यक्ष संत कुमार साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने शिक्षक हितों से जुड़ी मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग करते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जिला कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार साहू, जिला उपाध्यक्ष पिंकी विकास चंद्राकर, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रितु मेश्राम, जिला कोषाध्यक्ष बुद्धदेव वर्मा, ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र कुमार घृतलहरे, धर्मेंद्र कुमार अनंत, ब्लॉक उपाध्यक्ष ललिता नामदेव, महिला कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी घृतलहरे, अनीता बंजारे, प्रमोद कुमार चेलक, कोषाध्यक्ष श्रीनाथ डोरा, लकेश्वर पटेल, मीडिया प्रभारी रामनाथ साहू, महामंत्री रामशरण वर्मा और हारबाई पैकरा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

सेवा सुरक्षा की मांग

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, ब्लॉक इकाई कसडोल ने सेवारत शिक्षकों के हित में प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन विकासखंड शिक्षा अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी, कसडोल के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम प्रेषित किया गया।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों में सहायक शिक्षक एवं शिक्षक वर्षों से निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अचानक टीईटी की अनिवार्य शर्त लागू होने से उनके भविष्य पर संकट मंडराने लगा है। संघ ने मांग की है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी का आयोजन किया जाए अथवा विशेष प्रावधान लागू कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।