बलरामपुर

School without teacher: स्कूल में पदस्थ 2 शिक्षकों में 1 को कर दिया गया सस्पेंड, दूसरे का हो गया प्रमोशन, अब कैसे होगी पढ़ाई?

School without teacher: बच्चे जब पढ़ाई करने स्कूल पहुंचे तो एक भी शिक्षक उन्हें पढ़ाने नहीं पहुंचा, निलंबित शिक्षक तो वैसे भी नहीं आ सकते, दूसरे को गांव वालों ने फोन किया तो बोले- प्रमोशन के बाद दूसरे स्कूल में कर चुका हूं ज्वाइन
3 min read
School without teacher
Sarangajobhi primary school

कुसमी. School without teacher: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ गांव के स्कूल जर्जर भवन सहित अन्य संसाधनों की समस्या से तो जूझ ही रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की कमी भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्राम पंचायत चैनपुर के सरंगाजोभी प्राइमरी स्कूल में 2 शिक्षक पदस्थ थे, एक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दूसरे शिक्षक का प्रमोशन हो गया। ऐसे में अब स्कूल शिक्षकविहीन (School without teacher) हो गया। इससे नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय होता नजर आ रहा है।

हम आपको बता दें कि ग्राम पंचायत चैनपुर के सरंगाजोभी प्राथमिक शाला में 2 शिक्षक हरिहर राम व रविन्द्र कुमार पदस्थ थे। इस विद्यालय में 36 बच्चे अध्यनरत हैं। यहां पदस्थ शिक्षक रविंद्र कुमार विद्यालय से हमेशा नदारद रहते थे, जिससे उन्हें निलंबित (School without teacher) कर दिया गया है।

School students

इधर हरिहर राम का प्रमोशन होने पर वे ग्राम पंचायत भूलसी कला के प्राथमिक शाला भूलसीखाड़ में ज्वाइनिंग ले लि। इससे अब सरंगाजोभी प्राथमिक शाला एक तरह से शिक्षक विहीन (School without teacher) हो गया है। सोमवार को बच्चे इस विद्यालय में पहुंचे लेकिन एक भी शिक्षक नहीं आए।

इसकी जानकारी जब गांव के कुछ जागरूक लोगो को हुई तो उन्होंने शिक्षक हरिहर राम से फोन में संपर्क किए तो शिक्षक ने बताया कि वह प्रधान पाठक के रूप में भुलसीकला के स्कूल में ज्वाइनिंग ले लिए हैं।

School without teacher: शिक्षक विहीन हो गया है स्कूल

शिक्षक नहीं होने से स्कूल में अध्ययनरत बच्चों का अब भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा हैं। मंगलवार को भी सरंगाजोभी विद्यालय में कोई शिक्षक नहीं (School without teacher) पहुंचे। हरिहर राम यहां आए भी थे, लेकिन वे कुछ कागज लेकर तत्काल चले गए।

Sarangajobhi school

ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्यालय में पदस्थ चैनपुर निवासी स्वीपर उमेश सोनवानी भी अपनी ड्यूटी से नदारद रहता हैं ग्रामीणों द्वारा उसे रोकने-टोकने पर वह अडिय़ल रवैया अपनाते हुए लोगो सें दुव्र्यवहार करता हैं। सरंगाजोभी के ग्रामीणों ने विद्यालय में जल्द शिक्षक को पदस्थ करने की मांग की है जिससे यहां पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चल सके।

बीईओ ने दी ये जानकारी

कुसमी बीईओ रामपथ यादव ने कहा कि प्रधानपाठक के पद पर प्रमोशन होने पर अन्य स्कूलों में शिक्षकों के ज्वाइनिंग लेने के बाद इस तरह से जो भी स्कूल एकल शिक्षक या शिक्षक विहीन (School without teacher) हो जा रहे हैं।

School students

उन शिक्षकों को ज्वाइनिंग लेने के बाद भी तात्कालिक व्यवस्था के तहत पुन: उसी स्कूल में वापस भेज कर उनकी सेवाएं ली जाएंगी। सरंगाजोभी विद्यालय के शिक्षक रहे हरिहर राम को भी पुन: इसी विद्यालय में वापस लाया जाएगा।

Published on:
02 Oct 2024 03:59 pm