
Balrampur News: बलरामपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पुलिस से मिली सूचना पर वाहन की जांच की। वाहन में 280 किलो छेना मिठाई और 48 किलो बत्तीसा मिला। मिठाइयों की गुणवत्ता पर संदेह होने पर टीम ने दोनों के नमूने लिए। छेना मिठाई के डिब्बों पर बनाने और इस्तेमाल की अंतिम तारीख नहीं लिखी थी। इसके बाद विभाग ने 280 किलो छेना मिठाई नष्ट करा दी। ताकि यह बाजार में न पहुंचे।
बलरामपुर जिले में मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। मंगलवार, 3 नवंबर को ललिया थाने से मिली सूचना के बाद खाद्य विभाग की टीम ने एक वाहन को रोककर उसमें रखी मिठाइयों की जांच की। वाहन में बड़ी मात्रा में छेना और बत्तीसा मिठाई रखी हुई थी। जांच के बाद टीम ने 280 किलो छेना मिठाई नष्ट करा दी। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार शुक्ला के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। इसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी चंद्र भान और श्रीराम मौर्य शामिल रहे। टीम ने वाहन की जांच की। इस दौरान वाहन में करीब 280 किलो छेना मिठाई और 48 किलो बत्तीसा मिठाई मिली।
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को छेना मिठाई की गुणवत्ता और सुरक्षित होने को लेकर संदेह हुआ। छेना मिठाई जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री में आती है। इसके बावजूद मिठाई के डिब्बों पर बनाने की तारीख और इस्तेमाल करने की अंतिम तारीख नहीं लिखी गई थी। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल था कि मिठाई कब बनाई गई और कितने समय तक इस्तेमाल के योग्य है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छेना और बत्तीसा मिठाई का एक-एक नमूना लिया। दोनों नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मिठाई की गुणवत्ता के बारे में स्थिति साफ होगी।
विभाग ने एहतियात के तौर पर 280 किलो छेना मिठाई को नियमानुसार नष्ट करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि छेना जल्दी खराब हो जाता है। यदि इसे सही तरीके से नहीं रखा जाए तो यह लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए संदिग्ध मिठाई को बाजार में बिकने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। विभाग की ओर से बताया गया कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यदि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को दूध, दूध से बने उत्पादों, मिठाइयों और जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य कारोबारियों को मिठाइयों के निर्माण, भंडारण और परिवहन में साफ-सफाई तथा निर्धारित नियमों का पालन करने को कहा गया है। विभाग ने दुकानदारों से खाद्य पदार्थों की पैकिंग पर निर्माण तिथि, इस्तेमाल की अंतिम तारीख और भंडारण से जुड़ी जानकारी दर्ज करने की अपील की है। वहीं आम लोगों को भी मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी, गुणवत्ता और निर्माण तिथि की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने पर इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को देने को कहा गया है।