
Balrampur News: बलरामपुर में धान की फसल की पैदावार का सही आंकड़ा जुटाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की मौजूदगी में खेत में क्रॉप कटिंग कराई गई। तुलसीपुर तहसील के बालापुर गांव में किसान के खेत से धान की कटाई कर उत्पादन का आकलन किया गया। इस दौरान एक डिसमिल जमीन में 14.350 किलोग्राम धान की उपज मिली। डीएम ने किसान से खेती और सरकारी खरीद केंद्रों को लेकर भी बातचीत की।
बलरामपुर जिले में खरीफ की फसल की पैदावार का सही आंकड़ा जुटाने के लिए प्रशासन की ओर से क्रॉप कटिंग कराई जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की मौजूदगी में तुलसीपुर तहसील के बालापुर गांव में धान की फसल की कटाई कराई गई। इसमें एक डिसमिल जमीन पर 14.350 किलोग्राम धान की पैदावार मिली। क्रॉप कटिंग का यह प्रयोग बालापुर गांव के गाटा संख्या 1073 में किसान श्यामराज यादव के खेत में किया गया। किसान श्यामराज यादव, लौकहवा गांव के रहने वाले हैं। यहां सीसीई (क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट) ऐप के माध्यम से पूरी प्रक्रिया दर्ज की गई। तय नियमों के अनुसार खेत में धान की फसल काटी गई। उससे प्राप्त उपज का वजन कर उत्पादन का आकलन किया गया।
क्रॉप कटिंग के दौरान एक डिसमिल खेत में 14.350 किलोग्राम धान की पैदावार दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने पूरी प्रक्रिया को देखा और अधिकारियों से उत्पादन के आंकड़ों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग से खेत में वास्तव में पैदा हुई फसल का पता चलता है। इससे जिले में कृषि उत्पादन का सही आंकड़ा तैयार करने में मदद मिलती है। इसी आधार पर कृषि योजनाओं और किसानों के हित में जरूरी फैसले लिए जाते हैं।
क्रॉप कटिंग के बाद जिलाधिकारी ने किसान श्यामराज यादव से बातचीत की। उन्होंने धान की खेती, फसल की स्थिति और पैदावार के बारे में जानकारी ली। डीएम ने किसान को अपनी उपज सरकारी धान क्रय केंद्र पर बेचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान खरीद रही है। इससे किसानों को उनकी फसल का तय मूल्य मिल सकता है।
जिलाधिकारी ने किसान को बताया कि सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान किए जाने की व्यवस्था है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की कि वे अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर ही बेचें और एमएसपी का लाभ उठाएं। डीएम ने बताया कि जिले में धान खरीद के लिए कुल 37 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। किसानों को वहां धान बेचने में परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस दौरान राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।