
Yogi Adityanath: बलरामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में स्कूल में दाखिला लेने वाली हर पांचवीं बेटी बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। इसकी वजह जानने के लिए जांच कराई गई तो स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय और साफ पानी जैसी सुविधाओं की कमी सामने आई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इन समस्याओं को दूर करने के साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में स्कूलों में दाखिला लेने वाली हर पांचवीं बेटी बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। जब सरकार ने इसके कारणों की जांच कराई तो स्कूलों में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई। छात्राओं के लिए अलग शौचालय और साफ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से भी उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसके बाद सरकार ने स्कूलों में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने पर काम किया।
मुख्यमंत्री देवीपाटन मंदिर परिसर में आयोजित 'शिक्षा की उड़ान' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले यह माना जाता था कि स्कूल दूर होने के कारण बेटियां पढ़ाई छोड़ देती हैं। वास्तविक स्थिति जानने के लिए टीम गठित की गई। जांच में पता चला कि कई विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय और पीने के साफ पानी की व्यवस्था नहीं थी। इन कमियों को दूर करने के लिए स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाई गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले करीब 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं। कई बच्चों के पास सर्दियों में पहनने के लिए स्वेटर तक नहीं होते थे। सरकार ने बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, साफ पानी और बेहतर फर्नीचर की व्यवस्था की गई। साथ ही मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, स्वेटर और जूते-मोजे सहित जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों में फर्श, फर्नीचर, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकारी स्कूलों के बच्चे कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक से जुड़ रहे हैं। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। आर्थिक स्थिति या दूसरी परेशानियों के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई नहीं छूटनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और पढ़ाई की सामग्री देकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने बलरामपुर में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की ओर से चलाई जा रही स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयासों से बच्चों को घर पर पढ़ाई का बेहतर माहौल मिलता है और पढ़ने में उनकी रुचि बढ़ती है।