देवरजीनहल्ली की सईदा बानो (9) अपने घर लौट रही थी।
बेंगलूरु. दीपावली के पूर्व मंगलवार को नौ बच्चों समेत 15 लोग पटाखों से झुलस गए। दो बच्चों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चले जाने का खतरा पैदा हो गया है।
देवरजीनहल्ली की सईदा बानो (9) अपने घर लौट रही थी। उसकी आंखों में पटाखे की चिंगारी लगने से बुरी तरह घायल हो गई उसे मिन्टो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोम्मनह्ली की दिव्या (6) भी इसी तरह जख्मी होकर इसी अस्पताल में भर्ती है।
मिन्टो अस्पताल में 11 लोगो को भर्ती कराया गया है। सात बच्चों के उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दी गई है। अन्य लोग विभिन्न निजी अस्पतालों मे भर्ती है।
राजराजेश्वरीनगर के बंगारप्पा नगर के एम.भरत (7), एचएसआर लेआउट के मोहम्मद मुल्ला रब्बानी (54), गंगोंडनहल्ली के शब्बीर (13), एजीएस ले आउट की गायत्री (21) समेत 15 लोगो का उपचार जारी है।
बीबीएमपी के पास आई मात्र दो शिकायतें
मंगलवार शाम से ही शहर भर में पटाखों का शोर सुनाई देने लगा था। यहां तक कि देर रात तक भी लोग पटाखे फोड़ते रहे लेकिन बीबीएमपी के नियंत्रण कक्ष में मंगलवार रात पटाखों से संबंधित सिर्फ दो शिकायतें आईं।
बीबीएमपी अधिकारियों का कहना है कि पटाखों पर परिवर्तित नियमों के बारे भी सभी लोग नहीं जानते हैं और ज्यादातर लोग इसकी शिकायत भी नहीं करते हैं, इसलिए बीबीएमपी स्व संज्ञान लेकर सभी को पटाखे फोडऩे से रोके यह संभव नहीं है।