
दीये जलते रहे, खुशियां मनाते रहे
बेंगलूरु. अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने वाला दीपों का त्योहार बुधवार को आईटी सिटी में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मौसम साफ और खुशनुमा होने से इस वर्ष दीपावली पर खुशियों में चार चांद लग गए।
शाम होते ही नए-नए परिधानों में सजे लोगों ने धन की देवी श्री लक्ष्मी की पूजा कर सुख समृद्धि की कामना की। शाम को घरों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में दीप एवं बिजली के बल्बों से सजावट की गई।
बच्चों के साथ बड़ों ने भी खूब पटाखे फोड़े और खुशियां मनाई। दीपावली के दिन भी बाजार में दिनभर चहल-पहल रही। शाम तक बाजारों में लोगों ने मिठाई, पटाखे पूजा के सामान के साथ कपड़ों एवं सोने-चांदी की भी खरीदारी की।
राज्य में रह रहे प्रवासी लोगों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर दीपावली का आनंद लिया। इससे पहले महिलाएं प्रात: जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई की और घर के आगे रंगोली सजाई।
अलग-अलग शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी भक्तों ने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर लक्ष्मी सरस्वती एवं गणपति की पूजा की। व्यवसायियों ने लक्ष्मी पूजन के साथ कलम-दवात एवं चौपड़ का पूजन किया।
मां लक्ष्मी को फल फूल एवं मिष्ठान अर्पित किए गए। शाम को लक्ष्मी पूजन के समय राजस्थानी व्यवसायी पारंपरिक वेश भूषा में अपने अपने प्रतिष्ठानों पर पहुंचे।
व्यापारियों ने बाजारों में सामूहिक रूप से सजावट की थी। केले के खंभों एवं आम पत्तों से दुकानों को सजाया गया था। लक्ष्मी पूजन के बाद एक दूसरे से मिलकर लोगों ने शुभकामनाएं दी।
वहीं छोटों ने बड़े के पांव छूकर आशीर्वाद लिए। प्रवासियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर लक्ष्मी के स्वागत में शाम को पटाखे जलाए एवं आतिशबाजियां की। बाजार एवं दुकानों को रंगीन रोशनी में दुल्हन की तरह सजाया गया।
भागदौड़ भरी जिंदगी में समय नहीं निकाल पाने के कारण लोगों ने मोबाइल के जरिए भी एक दूसरे को संदेश भेजे। युवा इसमें काफी व्यस्त रहे। इससे पहले यमलोक से मुक्ति व यमराज की प्रसन्नता के लिए रूप चतुर्दशी पर लोगों ने स्नान के पश्चात यमराज को दक्षिणाभिमुख होकर तिल युक्त जल से जलांजलि देकर तर्पण किया।
Published on:
08 Nov 2018 07:19 pm
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