छात्र नियमित रूप से कॉलेज तो आते हैं, लेकिन केवल एक या दो विषयों की ही पढ़ाई होती है। अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति न होने के कारण, छात्र बेंचों पर बेकार बैठने और बिना किसी उचित शैक्षणिक गतिविधि के घर लौटने को मजबूर हैं। कई छात्र रोजाना लंबी दूरी तय करके कॉलेज पहुंचते हैं।
-नियुक्ति में देरी के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन
अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआइडीएसओ) के बैनर तले सैकड़ों छात्रों ने शुक्रवार को शहर के फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन किया। सरकार से डिग्री कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की मांग की।
एआइडीएसओ AIDSO के प्रदेश उपाध्यक्ष अभय दिवाकर ने कहा कि पिछले एक महीने से, राज्य भर के सरकारी डिग्री कॉलेज पर्याप्त शिक्षण कर्मचारियों के बिना चल रहे हैं। छात्र नियमित रूप से कॉलेज तो आते हैं, लेकिन केवल एक या दो विषयों की ही पढ़ाई होती है। अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति न होने के कारण, छात्र बेंचों पर बेकार बैठने और बिना किसी उचित शैक्षणिक गतिविधि के घर लौटने को मजबूर हैं। कई छात्र रोजाना लंबी दूरी तय करके कॉलेज पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग 80 फीसदी सरकारी डिग्री कॉलेज Government Degree Colleges पूरी तरह से 25,000 अतिथि व्याख्याताओं के सहारे चलते हैं। सरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के नाम पर नियुक्ति प्रक्रिया में देरी कर रही है। खराब बुनियादी ढांचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी के कारण सरकारी कॉलेजों में प्रवेश पहले से ही काफी कम हो रहे हैं। वर्तमान संकट स्थिति को और खराब करेगा और छात्रों को सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों से और दूर कर देगा।
एआइडीएसओ की बेंगलूरु Bengaluru जिला अध्यक्ष अपूर्वा सी.एम. ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अपने फैसले में कहा था कि राज्य सरकार शैक्षिक मामलों में अपनी नीति बना सकती है और केंद्र का अनुसरण करने के लिए बाध्य नहीं है। फिर भी, अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति के संबंध में यूजीसी के दिशा-निर्देशों पर, राज्य सरकार अपनी नीति बनाने की इच्छा नहीं दिखा रही है। यह सरकारी डिग्री छात्रों के प्रति राज्य सरकार के रवैये को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि निजी कॉलेजों ने निर्धारित समय पर कक्षाएं शुरू कर दीं और कई कॉलेजों में पहले ही इंटरनल परीक्षाएं हो चुकी हैं। फिर भी, सरकारी कॉलेजों में कक्षाएं अभी तक फिर से शुरू नहीं हुई हैं।