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‘सिलेंडर नहीं तो खाना छोड़ दो’: खाद्य मंत्री के बयान पर मचा बवाल, विपक्ष ने बताया ‘शर्मनाक’

Karnataka Food Minister LPG Statement: ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक LPG सप्लाई प्रभावित होने से भारत में कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत गहरा गई है। कर्नाटक में यह संकट सबसे ज्यादा बेंगलुरु में दिख रहा है, जहां होटल, रेस्तरां और पेइंग गेस्ट (PG) सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। राज्य के […]

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KH Muniyappa

KH Muniyappa

Karnataka Food Minister LPG Statement: ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक LPG सप्लाई प्रभावित होने से भारत में कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत गहरा गई है। कर्नाटक में यह संकट सबसे ज्यादा बेंगलुरु में दिख रहा है, जहां होटल, रेस्तरां और पेइंग गेस्ट (PG) सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनीयप्पा ने बुधवार को लोगों से अपील की कि सप्ताह में एक भोजन छोड़ दें, ताकि संसाधनों का अनावश्यक उपयोग रोका जा सके। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण दिया, जिन्होंने 1965 के खाद्य संकट में 'सप्ताह में एक भोजन छोड़ने' की अपील की थी।

मंत्री की अपील- सप्ताह में एक बार भूखे रहो

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा, 'जब शास्त्री जी को (भोजन की कमी से) कष्ट हुआ, तो उन्होंने कहा, चलो एक काम करते हैं: हर सोमवार को एक समय का भोजन छोड़ देते हैं। यानी सप्ताह में एक बार का भोजन। अगर ऐसा हुआ, तो हमें अनाज की जरूरत नहीं पड़ेगी और हम जी सकेंगे। हमें भी इससे सीखना चाहिए… आत्मसम्मान से जीना चाहिए और संसाधनों का अनावश्यक उपयोग नहीं करना चाहिए।' उन्होंने लोगों से LPG का संयम से इस्तेमाल करने की सलाह दी। सात बार कोलार से लोकसभा सांसद मुनीयप्पा ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि होटल, मैरिज हॉल और अन्य कमर्शियल संस्थानों को सप्लाई में कठिनाई हो रही है। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और हॉस्टलों को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

कर्नाटक में गैस सिलेंडर का संकट

कर्नाटक में रोजाना कमर्शियल गैस की खपत लगभग 1,000 मीट्रिक टन (50,000 सिलेंडर) है, जबकि घरेलू 5,000 मीट्रिक टन (3.5 लाख सिलेंडर) है। बेंगलुरु में कई होटल बंद हो गए हैं या केवल चाय-कॉफी सर्व कर रहे हैं। PG सुविधाओं में 'क्राइसिस मेन्यू' शुरू हो गया है। PG ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि गैस-इंटेंसिव आइटम जैसे डोसा, पूरी, चपाती हटा दिए गए हैं। कई PG में वीकडे पर केवल दो भोजन दिए जा रहे हैं, जबकि वीकेंड पर तीन। एसोसिएशन ने सदस्यों को इलेक्ट्रिक राइस कुकर इस्तेमाल करने और मेन्यू में सॉलिड आइटम शामिल करने की सलाह दी है।

सिद्धारमैया ने पेट्रोलियम मंत्री को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है। केंद्र ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू कर घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है, जिससे कमर्शियल सप्लाई 80% तक सीमित हो गई। बेंगलुरु में गैस एजेंसियों पर कतारें लग रही हैं। अगर संकट लंबा चला तो PG में एक सप्ताह बाद खाना प्रभावित हो सकता है। सरकार हर हफ्ते तेल कंपनियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेगी।

विपक्ष ने मुनीयप्पा के बयान को बताया 'शर्मनाक'

मुनीयप्पा के बयान पर राजनीति और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियांए सामने आई है। विपक्षी दल BJP और JD(S) ने इसे जनता का अपमान बताया। BJP ने आरोप लगाया है कि सरकार LPG सप्लाई नहीं कर पा रही और मंत्री जनता से भूखे रहने को कह रहे हैं। यह शर्मनाक है। JD(S) नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनता को भूखा मारने का प्लान बना लिया है।