वन विभाग के फ्रंटलाइन कर्मियों को सुरक्षा उपकरण और विशेष भत्ते प्रदान किए जाएंगे। स्थायी कर्मचारियों की आकस्मिक मृत्यु पर एक करोड़ और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 20 लाख का मुआवजा दिया जाएगा।
कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कहा कि कद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) क्षेत्र में वनोंवासी परिवारों के पुनर्वास के लिए 300 करोड़ का विशेष पैकेज तैयार किया गया है। यह पैकेज मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के समक्ष रखा जाएगा और उनकी मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।वे कर्नाटक इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की ओर से पिलिकुला निसर्गधाम में आयोजित तीन दिवसीय 12वें कर्नाटक बर्ड फेस्टिवल Karnataka Bird Festival के उद्घाटन के बाद संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि केएनपी से अब तक 300 परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है और 300 और परिवारों का पुनर्वास होना अभी बाकी है। विशेष पुनर्वास पैकेज तैयार है और इन परिवारों के पुनर्वास से क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा।
मंत्री ने बताया कि इस समय डिम्ड फॉरेस्ट Deemed Forest का संयुक्त सर्वेक्षण जारी है और तीन महीनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि कौन-सी संपत्तियां सरकारी हैं।
वन विभाग के फ्रंटलाइन कर्मियों को सुरक्षा उपकरण और विशेष भत्ते प्रदान किए जाएंगे। स्थायी कर्मचारियों की आकस्मिक मृत्यु पर एक करोड़ और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 20 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। यह योजना बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से तैयार की गई है।
इस बर्ड फेस्टिवल में राज्य भर से 350 छात्र और पक्षी प्रेमी भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों को 10 टीमों में बांटा गया है और प्रत्येक टीम 12 निर्धारित स्थलों का ट्रेल करेगी। सबसे अधिक पक्षी प्रजातियों की पहचान करने वाली टीम को पुरस्कार प्रदान किया