
बेंगलूरु विश्वविद्यालय (बीयू) ने छात्रों के लिए बीमा अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, छात्रों को ही प्रीमियम का भुगतान करना होगा। यह राशि प्रवेश शुल्क के साथ वसूली जाएगी।
अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआइडीएसओ) ने बीमा योजना का स्वागत किया है। लेकिन, सुविधाओं के लिए छात्रों से पैसे वसूलने की विश्वविद्यालय की नीति की निंदा की है। बीयू प्रशासन से इसे वापस लेने की मांग की है।
एआइडीएसओ बेंगलूरु जिला सचिव अजय कामत ने गुरुवार को कहा कि बीयू का यह कदम 'सार्वजनिक शिक्षा' की अवधारणा के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विश्वविद्यालयों को पर्याप्त धन उपलब्ध न कराकर ऐसी स्थिति पैदा की है। राज्य में उच्च शिक्षा पहले से ही महंगी है। ऐसी स्थिति में बीमा लागत वहन करना छात्रों पर अतिरिक्त बोझ होगा।
एआइडीएसओ बेंगलूरु जिला समिति मांग करती है कि विश्वविद्यालय स्वयं बीमा लागत वहन करे और परिसर में स्वास्थ्य केंद्र को बुनियादी सुविधाओं से लैस करके छात्रों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करे।