सत्तारूढ़ कांग्रेस जहां इस इलाके में वर्चस्व बरकरार रखने के लिए प्रयासरत है तो भाजपा खोई जमीन तलाशने में जुटी है
सिद्धार्थ भट्ट
बेंगलूरु. विधानसभा चुनाव में मध्य कर्नाटक इस बार राजनीतिक घमासान का केन्द्र बना है। सत्तारूढ़ कांग्रेस जहां इस इलाके में वर्चस्व बरकरार रखने के लिए प्रयासरत है तो भाजपा खोई जमीन तलाशने में जुटी है। मध्य कर्नाटक की 32 सीटों में पिछली बार कांग्रेस के हाथ 18 सीटें लगी थीं तो भाजपा का कमल सिर्फ 4 सीटों पर खिल पाया था।
भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार बीएस येड्डियूरप्पा पिछली बार पार्टी से अलग होकर चुनाव लड़े थे और उनकी पार्टी ने भी चार सीटें हथियाई थीं। जनता दल ध को यहां छह सीटें मिली थीं। इस बार येड्डियूरप्पा वापस भाजपा का दामन थाम चुके हैं। 10 साल पहले जब भाजपा सत्ता में आई थी तो मध्य कर्नाटक का बड़ा किरदार था। सत्ता के दावेदार दोनों प्रमुख दल भाजपा एवं कांग्रेस ने यहां पूरी ताकत झोंक रखी है। पिछले चुनाव में भाजपा की टूट ने उसे कमजोर बनाया था।
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मुकाबला आमने-सामने होना चाहिए: डॉ. नौहेरा
बेंगलूरु. महिला सशक्तिकरण पार्टी (एमइपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.नौहेरा शेख ने कहा कि मुकाबला आमने-सामने होना चाहिए। पीछे से हमला करने वालों को डरपोक कहा जाता है। उन्होंने शनिवार को अभिनेता अरबाज खान , सोनू सूद और अन्य कलाकारों के साथ बीटीएम ले आउट, गांधी नगर और शिवाजी नगर में रोड शो और चुनाव प्रचार करते हुए बताया कि पार्टी का रोड शो और प्रचार के दौरान पथराव और हमले कराए जा रहे हैं। उन पर शुक्रवार रात गोविंदपुर में जानलेवा हमले का प्रयास किया गया।
उन्हें हल्की चोटें आईं। पुलिस ने लाठी चार्ज कर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पीटने के अलावा उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर गिरफ्तार किया है। हमला करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग तथा हमले के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर शनिवार को के.जी.हल्ली थाने के सामने धरना देने का फैसला लिया गया था। पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।